करौली (मोहन पाठक): हिंडौन सिटी के हिंदू नगर में जैन मंदिर के सामने स्थित करीब 50 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन (लगभग डेढ़ बीघा) को लेकर भू-माफियाओं की सक्रियता का मामला गरमाया हुआ है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने सख्त रुख अपनाया है।
*पुराना विवाद:* यह जमीन हिंडौन क्रय-विक्रय सहकारी समिति और नगर परिषद के बीच लंबे समय से विवादित थी।
*कोर्ट का फैसला:* वर्ष 2011 में कोर्ट ने नगर परिषद के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अवार्ड पारित किया था और एसडीएम को भूमि अधिग्रहण अधिकारी नियुक्त किया गया था।
*वर्तमान स्थिति:* कोर्ट के आदेश के बावजूद, राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि आज भी क्रय-विक्रय सहकारी समिति (सवाई माधोपुर शाखा हिंडौन) के नाम ही दर्ज है। आरोप है कि भू-माफियाओं की मिलीभगत के कारण अवार्ड की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
*कलेक्टर की कार्रवाई:* जिला कलेक्टर ने हिंडौन एसडीएम और नगर परिषद प्रशासन से इस भूमि से जुड़े सभी दस्तावेज तलब किए हैं। अधिकारी और कर्मचारी फिलहाल फाइलों और रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं ताकि सरकारी बेशकीमती जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से बचाया जा सके।