रानीवाड़ा/जालौर (मदन माहेश्वरी): पश्चिमी राजस्थान के प्रसिद्ध जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ.अशोक कुमार बिश्नोई ने अपनी मेहनत, समर्पण और चिकित्सा सेवा के प्रति निष्ठा के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बनाई है। रानीवाड़ा क्षेत्र के डिगांव करड़ा निवासी डॉ.बिश्नोई अब संयुक्त राज्य अमेरिका में उन्नत फेलोशिप कर आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। साधारण परिवार में जन्मे डॉ.अशोक बिश्नोई स्वर्गीय तेजाराम बिश्नोई के सुपुत्र हैं, जो राजस्थान पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद पर कार्यरत थे। डॉ.बिश्नोई ने प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण परिवेश में प्राप्त की तथा आगे की पढ़ाई राजकीय विद्यालय मालवाड़ा से पूरी की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के टीएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस तथा जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल से एमएस ऑर्थोपेडिक्स की डिग्री हासिल की। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने सिरोही ट्रॉमा सेंटर में ट्रॉमा इंचार्ज के रूप में सेवाएं दीं और जटिल दुर्घटना एवं फ्रैक्चर मामलों का सफल उपचार किया। बाद में उन्होंने ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड से जॉइंट रिप्लेसमेंट फेलोशिप प्राप्त कर आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का प्रशिक्षण लिया। डॉ.बिश्नोई ने अहमदाबाद के शेल्बी हॉस्पिटल में लंबे समय तक सेवाएं देते हुए हजारों सफल सर्जरी कीं। वर्तमान में वे जोधपुर के वसुंधरा हॉस्पिटल में जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन के रूप में कार्यरत हैं और घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी में विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। अब तक वे 13 हजार से अधिक सफल नी एवं हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कर चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत भी उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए कई निशुल्क एवं रियायती सर्जरी कर उन्हें नया जीवन दिया है। ज्ञान और अनुभव को और समृद्ध करने के उद्देश्य से अब वे अमेरिका में प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ.यूगो एन. आईहेक्वेजू के मार्गदर्शन में उन्नत फेलोशिप करेंगे। डॉ.यूगो टेक्सास ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल, ह्यूस्टन में हिप एवं नी रिप्लेसमेंट विभाग के प्रमुख हैं। डॉ.अशोक बिश्नोई इंडियन सोसायटी फॉर हिप एंड नी सर्जन्स तथा इंडियन आर्थ्रोप्लास्टी एसोसिएशन के लाइफ मेंबर हैं। साथ ही वे राजस्थान ऑर्थोपेडिक सर्जन्स एसोसिएशन के अकादमिक सदस्य एवं जोधपुर ऑर्थोपेडिक सर्जन्स सोसायटी के सचिव पद पर भी कार्यरत हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की डॉ.अशोक बिश्नोई की यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
ग्रामीण परिवेश से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे डॉ.अशोक बिश्नोई, अमेरिका में करेंगे उन्नत फेलोशिप
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May 17, 2026
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