बीकानेर: राष्ट्रीय कवि चौपाल की 570 वीं श्रंखला दोहरे सामियक विषय "हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200वां साल" एवं विश्व तम्बाकू निषेध दिवस को यानी "व्यसन मुक्त जीवन" समर्पित रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता में सरदार अली परिहार, मुख्य अतिथि में डॉ.हरिदास हर्ष, रवि पुरोहित, अज़ीज़ भुट्टा, प्रकाश सामसुखा, दिलीप गुप्ता, मनोज व्यास आदि ने मंच को सुशोभित किया। कार्यक्रम के संयोजक रामेश्वर साधक ने ईद की बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसकी सक्षमता अविधा भ्रांति दूर कर सत्य स्थायित्व देता है। एक सूत्र में बांधते हुए सर्वांगीण विकास में गतिशील है। राष्ट्रीय कवि चौपाल सरस्वती प्रांगण में अजीज भुट्टा, प्रकाश सामसुखा, दिलीप गुप्ता, मनोज व्यास आदि पत्रकारों का शाॅल, श्रीफल एवं रत्न जड़ित मोतीयन माला से मंच एवं कवि वृंद द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष ने पत्रकारिता के 200 वर्ष की पूर्णता पर सम्मानित पत्रकार को बधाई दी। मुख्य अतिथि डॉ.हरिदास हर्ष ने "वासुदेव तुम्हारे बिना पार्थ कुछ भी नहीं कर सकता," संसारी उत्तरदायित्व में वह मर भी नहीं सकता। विशिष्ट अतिथि रवि पुरोहित ने सितारों की दुनिया के काव्यांश.. जीवन अंधेरी गली बन जाता है जब और हर मोड़ पर, खड़ा मिलता अनजाना भय, का काव्य पाठ किया।
रामेश्वर साधक ने राष्ट्रीय कवि चौपाल के 12वें वर्ष में पदार्पण पर विलक्षण नवाचार.. राजस्थानी भाषा समर्पित महान हस्तियों के सम्मान में सुझाव मांगे तथा 573 वीं श्रंखला से अनवरत एक वर्ष तक प्रति सप्ताह कालजयी-दिग्विजयी-अनन्त विजयी तीन सम्मान की घोषणा की। कार्यक्रम में 20 प्रस्तुतियां हुई। प्रमोद शर्मा, कासिम बीकानेरी, विजय कोचर, कैलाश टाक, शिव दाधीच बम चकरी, मेहराजुद्दीन, राधा किशन सोनी, पवन चड्ढ़ा ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में एकता सारण, सरोज गुप्ता, जयश्री तंवर, एडवोकेट उमा शर्मा, धर्मेंद्र राठोड़, सिराजुद्दीन भुट्टा, बाबू लाल सोनी, घनश्याम सौलंकी, किशन लाल, छोटू खां, भवानी सिंह शिवबाड़ी, साकिर पत्रकार, विनोद शर्मा, निशांत शर्मा, लक्ष्मण दास, देवेन्द्र कुमार आदि कई गणमान्य साहित्यानुरागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम संचालन चुटिले अंदाज में शिव दाधीच बीकानेरी एवं बमचकरी भाई ने किया।