परंपरा, समरसता और विरासत का भव्य संगम के साथ खींच दस्तूर का होगा ऐतिहासिक आयोजन

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: बीकानेर स्थापना दिवस (आखा बीज) के पावन अवसर पर इस वर्ष शहर एक बार फिर अपनी गौरवशाली परंपराओं को जीवंत होते देखेगा। सदियों पुरानी सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की प्रतीक परंपरा के तहत राजपूत एवं जाट समाज एक ही जाजम पर बैठकर पूर्वजों की विरासत का सम्मान करेंगे। इस विशेष आयोजन की अगुवाई बीकानेर राजवी परिवार के युवा प्रतिनिधि, युवा भाजपा नेता अभिमन्यु सिंह राजवी द्वारा की जाएगी, जिन्होंने वर्षों से लुप्तप्राय इसऐतिहासिक परंपरा को पुनः स्थापित करने का संकल्प लिया है। उनके नेतृत्व में यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का पुनर्जीवन होगा, बल्कि सामाजिक एकता का सशक्त संदेश भी देगा। इतिहास साक्षी है कि बीकानेर के संस्थापक राव बीका ने अपने राज्य की नींव रखते समय जाट समाज, विशेषकर गोदारा वंश के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए थे। पांडु गोदारा के साथ हुई संधि ने न केवल राजनीतिक स्थिरता दी, बल्कि सामाजिक समरसता की एक अनूठी परंपरा भी स्थापित की। इसी परंपरा के तहत बीकानेर के महाराजाओं के राजतिलक का अधिकार पांडु गोदारा के वंशजों को दिया गया था। इसी ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए, स्थापना दिवस के अवसर पर जाट समाज की सातों बिरादरी के प्रतिनिधियों को राजवी परिवार द्वारा ससम्मान आमंत्रित किया जाएगा और पारंपरिक रूप से मीठा खीचड़ा परोसा जाएगा, जो आपसी विश्वास, सम्मान और भाईचारे का प्रतीक है। यह आयोजन 18 अप्रैल को प्रातः 11 बजे से जय भवन, रानी बाजार में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त होगा तथा विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या उपस्थित होंगे ।

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