झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): शहर की ऐतिहासिक और 125 वर्षों से निरंतर सेवा कर रही श्री गोपाल गोशाला में बुधवार, 15 अप्रैल को भक्ति और सेवा का अनुपम संगम देखने को मिला। प्रातः 11 बजे सुदामा कुटी, वृंदावन से पधारे 'भागवत चरणानुरागी' श्रीनिखल शास्त्री जी महाराज ने गोशाला का भ्रमण किया और गो-सेवा के कार्यों का अवलोकन किया।
*गो-दर्शन को बताया ईश्वर का साक्षात्कार*
महाराज श्री ने गोशाला की विजिटर्स बुक में अपने हृदयस्पर्शी विचार साझा करते हुए लिखा कि गोमाता विश्व की माता हैं और उनके दर्शन करना साक्षात् भगवान श्री कृष्ण के दर्शन करने के समान है।
*उन्होंने लिखा*
"आज मेरा परम सौभाग्य रहा कि मुझे हमारे इष्ट की स्वरूपा गौ माता के दर्शन और सेवा का अवसर मिला। 125 वर्षों से अनवरत चल रही इस सेवा को देखकर अद्भुत आनंद की अनुभूति हुई।"
*गुड़ और गेहूँ के आटे से बनी रोटियाँ खिलाई*
वर्तमान में गोभक्त रामचंद्र जी मोदी के यहाँ श्रीमद्भागवत कथा कर रहे शास्त्री जी महाराज के साथ सुनील मोदी (सुपुत्र रामचंद्र मोदी) एवं विनय अग्रवाल (बिसाऊ वाले) भी उपस्थित रहे। महाराज श्री ने अपने कर-कमलों से गोमाता को गुड़ और गेहूँ के आटे से बनी रोटियाँ खिलाई और उनका आशीर्वाद लिया।
*संस्थान ने किया सम्मान*
गोशाला परिसर पहुँचने पर श्री गोपाल गोशाला की ओर से भव्य स्वागत किया गया। संस्था के अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया, निवर्तमान मंत्री नेमी अग्रवाल, पूर्व कोषाध्यक्ष नरोत्तम लाल राणासरिया एवं डॉ.डीएन तुलस्यान ने शास्त्री जी महाराज को दुपट्टा ओढ़ाकर और गोमाता का प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। महाराज श्री ने गोशाला की व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और सभी सदस्यों के मंगल भविष्य की कामना की। विदित है कि श्री नाभापीठ सुदामा कुटी (वृन्दावन) भक्तमाल परंपरा का एक अत्यंत प्रतिष्ठित केंद्र है। जगद्गुरु नाभाद्वाराचार्य स्वामी श्री सुतीक्ष्ण देवाचार्य जी महाराज स्वामी इस पीठ के वर्तमान पीठाधीश्वर हैं। उन्हें जगद्गुरु नाभाद्वाराचार्य की पदवी प्राप्त है, जो उन्हें वैष्णव समाज में एक सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रतिष्ठित करती है। श्री निखिल शास्त्री जी महाराज, स्वामी श्री सुतीक्ष्ण देवाचार्य जी के प्रमुख शिष्यों में से एक हैं।