पेयजल संकट से निपटने के लिए जयपुर​ जिला प्रशासन ने कसी कमर

AYUSH ANTIMA
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जयपुर: भीषण गर्मी के मद्देनजर संभावित पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए जयपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला कलक्टर संदेश नायक के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने फील्ड में जाकर हैंडपंपों की स्थिति का जायजा लिया। जिला कलक्टर संदेश नायक ने स्वयं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था का जमीनी स्तर पर जायजा लेने के लिए आमेर तहसील के कुकस एवं खोरा मीना क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न नहीं होने दिया जाए और जल स्रोतों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने चिन्हित सभी खराब हैंडपंपों को आगामी 48 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के सख्त निर्देश देते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को कहा कि तकनीकी खराबियों के कारण कोई भी जल स्रोत बंद नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए आमेर उपखंड क्षेत्र में विशेष तकनीकी टीमों की तैनाती की गई है, जो गांव-गांव जाकर खराब हैंडपंपों की मौके पर ही मरम्मत सुनिश्चित करेंगी। इसके साथ ही उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन जल आपूर्ति एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट कलेक्ट्रेट को भेजें, जिससे कार्यों की सतत निगरानी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) तथा पीएचईडी हेल्पलाइन (1800-180-6088) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिला कलक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके द्वार तक स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई सहन नहीं की जाएगी।

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