श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर (तोलाराम मारू): पोकरण क्षेत्र के विधायक प्रताप पुरी ने जीवनसार वेलनेस सेंटर में, प्राकृतिक चिकित्सा का बारीकी से निरीक्षण कर बहुत ही सराहना की। पोकरण क्षेत्र के विधायक प्रताप पुरी महाराज का जीवनसार वेलनेस सेंटर (प्राकृतिक चिकित्सालय), श्रीडूंगरगढ़ में आगमन हुआ। उनके आगमन पर चिकित्सालय परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने पूरे चिकित्सालय का विस्तृत अवलोकन करते हुए यहां संचालित प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति, विभिन्न उपचार प्रक्रियाओं, स्वच्छता व्यवस्था एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गहन जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान डॉ.अवधेश स्वामी द्वारा उन्हें प्राकृतिक चिकित्सा के मूल सिद्धांतों, उपचार विधियों तथा संतुलित एवं अनुशासित जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि बिना दवाइयों के प्राकृतिक उपायों, संतुलित आहार, योग, प्राणायाम एवं दिनचर्या के माध्यम से शरीर को किस प्रकार दीर्घकाल तक स्वस्थ एवं रोगमुक्त रखा जा सकता है। विधायक ने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर यह एक अत्यंत सराहनीय, प्रभावशाली एवं जनकल्याणकारी पहल है, जो धीरे-धीरे लोगों को बीमारियों से बचाने, शरीर की आंतरिक शुद्धि करने तथा रोगों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यह एक प्राचीन एवं प्रभावी पद्धति है, जिसे अपनाकर आज भी व्यक्ति स्वस्थ, संतुलित एवं दीर्घायु जीवन जी सकता है, और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता और भी बढ़ गई है।
इस अवसर पर चिकित्सालय के व्यवस्थापक विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए सुभाष चंद्र शास्त्री ने केंद्र की कार्यप्रणाली, उपलब्ध उपचार सेवाओं एवं भविष्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही विधायक प्रताप पुरी महाराज जी ने उपस्थित मरीजों से संवाद कर उनके उपचार से प्राप्त लाभ, अनुभव एवं संतुष्टि के बारे में जानकारी ली, जिससे उन्होंने उपचार पद्धति की प्रभावशीलता को प्रत्यक्ष रूप से समझा। विधायक प्रताप पुरी ने आमजन से प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पद्धति न केवल रोगों से बचाव करती है, बल्कि शरीर, मन एवं जीवनशैली के संतुलन के माध्यम से सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करती है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस प्रकार के प्राकृतिक चिकित्सालय हर क्षेत्र में स्थापित होने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें और एक स्वस्थ, जागरूक एवं रोगमुक्त समाज का निर्माण हो। चिकित्सालय परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने पूरे चिकित्सालय का विस्तृत अवलोकन करते हुए यहां संचालित प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति, विभिन्न उपचार प्रक्रियाओं, स्वच्छता व्यवस्था एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गहन जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान डॉ.अवधेश स्वामी द्वारा उन्हें प्राकृतिक चिकित्सा के मूल सिद्धांतों, उपचार विधियों तथा संतुलित एवं अनुशासित जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि बिना दवाइयों के प्राकृतिक उपायों, संतुलित आहार, योग, प्राणायाम एवं दिनचर्या के माध्यम से शरीर को किस प्रकार दीर्घकाल तक स्वस्थ एवं रोगमुक्त रखा जा सकता है। विधायक ने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर बहुत प्रशंसा की। इस अवसर पर चिकित्सालय के व्यवस्थापक सुभाष चंद्र शास्त्री ने केंद्र की कार्य प्रणाली, उपलब्ध उपचार सेवाओं एवं भविष्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही महाराज ने उपस्थित मरीजों से संवाद कर उनके उपचार से प्राप्त लाभ, अनुभव एवं संतुष्टि के बारे में जानकारी ली, जिससे उन्होंने उपचार पद्धति की प्रभावशीलता को प्रत्यक्ष रूप से समझा। इस प्रकार के प्राकृतिक चिकित्सालय हर क्षेत्र में स्थापित होने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें और एक स्वस्थ, जागरूक एवं रोगमुक्त समाज का निर्माण हो सके।