चिड़ावा (सुभाष मिश्रा): राजस्थान के बिजली निगमों में निजीकरण और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर अजमेर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ और राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ (BMS) ने विरोध दर्ज कराया है। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने शासन सचिव (ऊर्जा विभाग) को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। संघ के अध्यक्ष कर्मवीर सिंह और सचिव हरकेश के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बिजली निगमों को फ्रेंचाइजी या क्लस्टर मॉडल के तहत निजी हाथों में सौंपना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। संगठन ने विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 को तुरंत वापस लेने, बिजली कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने, तकनीकी कर्मचारियों को 4800 ग्रेड-पे देने, ठेका प्रथा समाप्त कर स्थाई भर्ती करने और जोखिम भरे कार्य के लिए हार्ड ड्यूटी अलाउंस देने की मांग की है। साथ ही संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए 6 मई को जिला एवं वृत्त स्तर पर धरना-प्रदर्शन, 20 मई को डिस्कॉम मुख्यालय पर प्रदर्शन और 10 जून 2026 को जयपुर स्थित बिजली भवन पर प्रदेश स्तरीय महापड़ाव की चेतावनी दी है। इस अवसर पर सुरेश लुनिया, मनोज झेरली, राजेंद्र सैनी, नितेश कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में श्रमिक संघों का ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
By -
April 22, 2026
0
Tags: