भ्रष्टाचार की 'जड़ों' में निवाई मंडी सचिव

AYUSH ANTIMA
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​निवाई/टोंक (लालचंद माली): 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान जहाँ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है, वहीं निवाई कृषि उपज मंडी में यह अभियान भ्रष्टाचार और परिवारवाद के आरोपों की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। मंडी सचिव कमल किशोर सोनी पर अपने सगे भांजे को नियमों के विरुद्ध जाकर टेंडर देने और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं।

*​कलेक्टर टीना डाबी के एक्शन से हड़कंप: जांच कमेटी गठित*

​लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी इस शिकायत पर नवनियुक्त जिला कलेक्टर टीना डाबी के संज्ञान लेने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। आनन-फानन में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें ​अध्यक्ष नरेश गुर्जर (तहसीलदार, निवाई), ​सदस्य जयनारायण बैरवा (उप कोषाधिकारी), रेंजर (वन विभाग), दिनेश गौतम (कनिष्ठ सहायक को ​जिम्मेदारी दी गई है। 
*डेडलाइन:* कमेटी को 24 अप्रैल 2026 से पहले बिन्दुवार तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
*​मुख्य आरोप: क्या है पूरा मामला*
​किसान महापंचायत के युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपे गए सबूतों के अनुसार, मंडी सचिव ने पद का दुरुपयोग करते हुए निम्नलिखित अनियमितताएं की हैं:
*​RTPP अधिनियम का खुला उल्लंघन* 

राजस्थान सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (RTPP) अधिनियम की धारा 81(2)(घ) के तहत कोई भी अधिकारी अपने रिश्तेदार को टेंडर नहीं दे सकता। आरोप है कि सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर अपने सगे भांजे को ही ठेका दे दिया।
*​लाखों के वारे-न्यारे*

जहाँ सरकार ₹15 में पौधा उपलब्ध करा रही है, वहीं मंडी में पौधारोपण के नाम पर लगभग ₹1,00,000 के बिल पास करा लिए गए।
*​धरातल पर काम गायब* 

शिकायत के अनुसार, निविदा की शर्तों के मुताबिक गड्ढे खोदने, खाद और दवाइयों का कोई काम मौके पर नहीं हुआ है।
*​तकनीकी स्वीकृति का अभाव* 

RTI से खुलासा हुआ है कि इस प्रक्रिया में न तो निविदा रजिस्टर का उपयोग हुआ और न ही विपणन बोर्ड के इंजीनियरों से कोई तकनीकी स्वीकृति ली गई।
​विवादों का पुराना 'ट्रैक रिकॉर्ड'
​यह पहली बार नहीं है जब सचिव कमल किशोर सोनी सवालों के घेरे में हैं। शिकायत पत्र में उल्लेख है कि पूर्व में 'फर्जी पुलिस चौकी' खोलने के मामले में भी उपखंड अधिकारी (SDM) निवाई उन्हें दोषी मान चुके हैं। बावजूद इसके, राजनीतिक संरक्षण के चलते अब तक उन पर कोई आंच नहीं आई है।
*​निलंबन की मांग और आंदोलन की चेतावनी*
​किसान महापंचायत ने प्रमुख शासन सचिव (कृषि विपणन) को पत्र लिखकर मांग की है कि ​सचिव के विरुद्ध CCA नियमों के तहत 16-CC की कार्रवाई की जाए और ​3 दिन के भीतर उन्हें निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। ​यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान संगठनों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
*व्यक्ति, पद, बयान*

"टेंडर प्रक्रिया से किसी भी फर्म को ठेका मिल सकता है। मैं जातिवाद या परिवारवाद नहीं करता। आप मौके पर आकर देख सकते हैं, जांच में सब साफ हो जाएगा।"
*कमल किशोर सोनी*
सचिव, कृषि मंडी 

क्या जांच कमेटी सचिव के रसूख के आगे निष्पक्ष रिपोर्ट दे पाएगी, या 'मामा-भांजे' का यह प्रेम सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा। क्षेत्र के किसानों की नजर अब 24 तारीख को आने वाली रिपोर्ट पर टिकी है।

*रामेश्वर प्रसाद चौधरी*
युवा प्रदेशाध्यक्ष, किसान महापंचायत

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