जयपुर: मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप जयपुर जिले में निवेश को बढ़ावा देने तथा चहुंमुखी एवं समावेशी विकास के हर संभव प्रयास सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत निष्पादित एमओयू की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जयपुर जिले में कुल 187 एमओयू निष्पादित किए गए हैं, जिनकी कुल निवेश राशि 33 हजार 698.21 करोड़ रुपये है। इनमें से 30 एमओयू पर जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिनसे 2 हजार 965.88 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर आ रहा है। यह कुल एमओयू का लगभग 16.04 प्रतिशत है, जो निवेश प्रस्तावों के वास्तविक क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है। जिला कलक्टर ने विशेष रूप से उन 28 एमओयू की गहन समीक्षा की, जो वर्तमान में विभिन्न सरकारी विभागों के स्तर पर लंबित हैं और जिनसे संबंधित 3 हजार 139.65 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त 129 एमओयू निवेशकों के स्तर पर लंबित पाए गए, जिनकी कुल निवेश राशि 27 हजार 592.68 करोड़ रुपये है। जिला कलक्टर ने विभागवार प्रत्येक एमओयू की स्थिति का समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निवेशकों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अथवा प्रक्रियात्मक बाधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी सक्रिय समन्वय स्थापित करते हुए निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के लिए उत्तरदायी रूप से कार्य करें। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े निवेशकों ने भी अपने-अपने प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। जिला कलक्टर ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निवेशकों ने जिला प्रशासन द्वारा की जा रही सतत मॉनिटरिंग, संवाद और समाधान-केंद्रित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे निवेश अनुकूल वातावरण के लिए सकारात्मक पहल बताया। जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर एमओयू की प्रगति की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण एवं निवेश प्रस्तावों को गति देने के लिए समन्वित और परिणामोन्मुखी प्रयास किए जा रहे हैं। जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि सभी लंबित एमओयू की नियमित समीक्षा कर उनकी प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा निवेश परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर लाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) जयपुर श्रीमती विनीता सिंह, संयुक्त आयुक्त जिला उद्योग केंद्र (ग्रामीण) सुभाष शर्मा, उपखण्ड अधिकारी जयपुर शहर दक्षिण अरुण कुमार शर्मा, उपायुक्त उद्योग श्रीमती मधुमाला, सहायक आयुक्त उद्योग हिमांशु जोशी, उपनिदेशक पर्यटन उपेंद्र सिंह शेखावत, उपायुक्त जयपुर विकास प्राधिकरण दिग्गज चांगल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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