बीकानेर: जिले के गौरव, वीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर जगमाल सिंह राठौड़ वीआरसी, वीएसएम का अंतिम संस्कार आज राजपूत शांति धाम, डुप्लेक्स कॉलोनी में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिये उनके पोते खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ बीकानेर आए, जिन्होंने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया। इस दौरान उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली गई। रास्ते में पुष्प वर्षा के उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा से पूर्व सैन्य सम्मान दिया गया। अंतिम यात्रा में सेना से जुड़े अधिकारी, पूर्व अधिकारी व सैनिक शामिल हुए। उनके पुत्र ने उन्हें मुखाग्रि दी। बता दें कि ब्रिगेडियर जगमाल सिंह राठौड़ का जन्म वर्ष 1938 में बीकानेर जिले के गारबदेसर गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बीकानेर के सादुल स्कूल से प्राप्त की तथा उच्च शिक्षा श्री डूंगर कॉलेज, बीकानेर से हासिल की। छात्र जीवन से ही उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति की भावना प्रबल थी। इसी कारण वे एनसीसी में सीनियर अंडर ऑफिसर बने तथा बेस्ट कैडेट घोषित किए गए। वर्ष 1961 में उन्हें भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मोर्चों पर अपनी वीरता और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में बीकानेर सीमा क्षेत्र में अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दुश्मन के विरुद्ध सफल अभियान संचालित किए। उनके शौर्य और पराक्रम के लिए भारत सरकार ने उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कश्मीर, मिजोरम तथा अन्य आंतरिक अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे प्रसिद्ध गंगा रिसाला के कमांडर भी रहे और सेना में अपने अनुशासन, रणनीति एवं प्रेरणादायक नेतृत्व के लिए सम्मानित रहे।
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