जोधपुर (रंजन दईया): शहर की श्योर सक्सेस इंग्लिश एकेडमी में बुधवार को 'नीला दिवस' (Blue Day) और 'विश्व पृथ्वी दिवस' (Earth Day) का अनूठा और रंगारंग संगम देखने को मिला। नीले परिधानों में सज-धज कर विद्यालय पहुंचे नन्हे-मुन्ने बच्चों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो पूरा नीला आसमान ही जमीन पर उतर आया हो। इस दोहरे आयोजन में बच्चों ने जहाँ एक ओर अपनी मासूम प्रस्तुतियों से सबका मन मोहा, वहीं दूसरी ओर प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ विद्यालय की निर्देशिका श्रीमती गुड़ी और निर्देशक गजेंद्र के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन से अशोक ने उपस्थित बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के रचनात्मक और व्यावहारिक कार्यक्रमों का आयोजन नितांत आवश्यक है।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन*
प्रधानाचार्या श्रीमती रूप कंवर के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं ने अहम भूमिका निभाई। शिक्षिका श्वेता, इन्दु, कोमल, ज्योति, मेघा, अंजू और निकिता के निर्देशन में बच्चों ने एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां दीं। नन्हे कलाकारों ने फिल्मी और भक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य पेश कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही, छोटे-छोटे बच्चों ने सुंदर कविताओं के माध्यम से नीले रंग के महत्व और प्रकृति की मनोहारी सुंदरता का बखान किया।
*बच्चों ने ली धरती को हरा-भरा रखने की शपथ*
चूँकि यह आयोजन 'विश्व पृथ्वी दिवस' के अवसर पर किया गया था, इसलिए कार्यक्रम में पर्यावरण जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने सभी बच्चों को धरती को हरा-भरा रखने और पर्यावरण बचाने की शपथ दिलाई। बच्चों को सरल शब्दों में समझाया गया कि हमारे नीले आसमान और नीले समंदर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखना हमारे भविष्य के लिए कितना जरूरी है। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्या श्रीमती रूप कंवर ने इस सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षिकाओं की कड़ी मेहनत और बच्चों की प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान के अलावा ऐसे आयोजनों से बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का संचार होता है और वे बचपन से ही अपनी प्रकृति और पर्यावरण के साथ जुड़ना सीखते हैं।