जयपुर (योगेन्द्र कंडेरा): राजधानी जयपुर में 'इंडिया टी वॉकाथॉन' की सफलता पर सेशन आयोजित हुआ, जिसमें 1000 से अधिक लोग शामिल हुए, जिन्होंने सेशन माध्यम से सिद्ध कर दिया है कि चाय केवल सुबह की शुरुआत नहीं, बल्कि एक आधुनिक जीवन शैली का हिस्सा है। आयोजित विशेष साक्षात्कार में टी बोर्ड इंडिया के डिप्टी चेयरमैन सी. मुरुगन (IAS) ने चाय को 'ग्लोबल वेलनेस ड्रिंक' बनाने के रोडमैप पर खुलकर चर्चा की। मुरुगन ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष की थीम केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा की ओर लौटने का आह्वान है। उन्होंने कहा: "पूरी दुनिया आज वेलनेस की तलाश में है। हम दुनिया को बस यह याद दिला रहे हैं कि जिस एंटीऑक्सीडेंट्स और प्राकृतिक ऊर्जा को वे खोज रहे हैं, वह सदियों से हमारे घरों में 'भारतीय चाय' के रूप में मौजूद है।" इन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स की ओर झुकाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि टी बोर्ड प्रतिस्पर्धा के बजाय 'कनेक्शन' पर ध्यान दे रहा है। बोर्ड अब डिजिटल कैंपेन, कैंपस एक्टिवेशन और इंस्टाग्राम/यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए फिटनेस और स्थिरता (Sustainability) की भाषा में युवाओं से संवाद कर रहा है। छोटे किसानों (Small Tea Growers) पर चर्चा करते हुए उन्होंने एक महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा किया। भारत के कुल चाय उत्पादन में 52% से अधिक योगदान छोटे बागान मालिकों का है। मुरुगन ने भरोसा दिलाया कि वित्तीय सहायता, क्वालिटी अपग्रेडेशन और उचित मूल्य निर्धारण के जरिए इस पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना टी बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जयपुर की सफलता से उत्साहित मुरुगन ने घोषणा की अगले एक साल में देश के 10 से अधिक प्रमुख शहरों में ऐसे वॉकाथॉन और टी-एक्सपीरियंस इवेंट्स आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उत्तर से दक्षिण तक एक मज़बूत Tea Community का निर्माण करना है।
इंडिया टी वॉकाथॉन' का सफल आयोजन: 'ग्लोबल वेलनेस ड्रिंक' बनाने के रोडमैप पर खुलकर हुई चर्चा
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April 29, 2026
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