निवाई (लालचंद माली): बाल विवाह की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत राजकीय विद्यालयों में विशेष गतिविधियां आयोजित की गई। सहायक निदेशक नवल खान ने बताया कि पीपल पूर्णिमा जैसे अबूझ सावों पर बाल विवाह की संभावना अधिक रहती है, जिसके मद्देनजर बालिकाओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों व शिकायतों की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया गया। मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रभारी देवेन्द्र सिंह ने बाल विवाह को सामाजिक कुरीति के साथ कानूनी अपराध बताते हुए इसके नुकसानों पर चर्चा की। बाल कल्याण समिति सदस्य संदीप कांटिया ने बालिकाओं को सूचना देने और विवाह रुकवाने के लिए प्रेरित किया। चाईल्ड हेल्प लाईन समन्वयक कमलेश सैनी ने हेल्प लाइन की कार्य प्रणाली समझाई। सिकोईडिकोन संस्थान के प्रभारी देवेन्द्र जांगिड ने भी अभियान में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में बाल अधिकारिता विभाग के संरक्षण अधिकारी रामसहाय पारीक, मानव तस्करी विरोधी यूनिट से रिंकू शर्मा, चाईल्ड हेल्प लाईन से राहुल गजरा, स्वयंसेवी संस्थान सिकोईडिकोन से किरण शर्मा व विमल बुन्देल सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
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