अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर थिम्फू (भूटान) में होगा “भारत-भूटान शांति रत्न अवार्ड” समारोह

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): भारत और भूटान के मध्य प्राचीन सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं कूटनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 को भूटान की राजधानी थिम्फू में “भारत-भूटान सांस्कृतिक समन्वय सम्मेलन” एवं “भारत-भूटान शांति रत्न अवार्ड” समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया जाएगा। मंच के संयोजक एडवोकेट डॉ.कुलदीप प्रसाद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन “वसुधैव कुटुम्बकम्”, “ग्लोबल विलेज” एवं “सत्यम् शिवम् सुन्दरम्” की विचारधारा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मंच के संस्थापक विश्व रत्न स्वर्गीय श्री महावीर प्रसाद टोरड़ी के दूरदर्शी प्रयासों एवं प्रेरणा से भारत-भूटान संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों से चयनित विशिष्ट प्रतिभाएं, शिक्षाविद, समाजसेवी, विधि विशेषज्ञ, चिकित्सक, उद्योगपति एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। सम्मेलन के अंतर्गत “विचार-प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन)” सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत-भूटान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों, वैश्विक शांति, सामाजिक समरसता एवं मानव मूल्यों पर गहन चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर चयनित प्रतिभाओं को भूटान के गणमान्य अतिथियों एवं विशिष्ट प्रतिनिधियों के कर-कमलों द्वारा “भारत-भूटान शांति रत्न अवार्ड” से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने समाज सेवा, शिक्षा, संस्कृति, राष्ट्र निर्माण एवं वैश्विक समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। मंच के भूटान राष्ट्र में संरक्षक एवं भूटान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री लोकनाथ शर्मा ने इस आयोजन को भारत-भूटान संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भूटान आगमन दोनों देशों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा। इस आयोजन के अंतर्गत प्रतिभागियों को भूटान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों एवं प्राकृतिक सौंदर्य से भी अवगत कराया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी समझ एवं मैत्री संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। माननीय सगे दोरजी, अध्यक्ष, प्रशासन एवं विकास मामला परिषद ने अपने संदेश में कहा कि भारत-भूटान मैत्री संधि दोनों देशों के दीर्घकालीन संबंधों की मजबूत आधारशिला है। यह संधि स्थायी शांति, आर्थिक सहयोग, मुक्त व्यापार एवं सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी विश्वास को सुदृढ़ करती है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा भारतीय प्रतिनिधिमंडल को भूटान आमंत्रित करने को अत्यंत सराहनीय पहल बताते हुए इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा आयोजित यह सम्मेलन न केवल भारत-भूटान संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति, समरसता एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश भी प्रसारित करेगा। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की सांस्कृतिक शक्ति, आध्यात्मिक विरासत एवं पंचशील सिद्धांतों को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का माध्यम बनेगा।

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