राज्याभिषेक के साथ हुआ श्री रामकथा का समापन

AYUSH ANTIMA
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चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): शहर के रेलवे स्टेशन के पास श्री दुर्गा मंदिर में नवरात्र के अवसर पर मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज चिड़ावा की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के अंतिम दिन राज्याभिषेक के साथ कथा का विधिवत समापन हुआ। संगीतमय श्रीरामकथा में प्रसिद्ध कथा वाचक दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से विभूषित वाणीभूषण पंडित प्रभुशरण तिवाड़ी ने कहा कि राम घट-घट में विराजमान है। केवल राम को हृदय में खोजकर उनके प्रति समर्पित होने की आवश्यकता है। तिवाड़ी ने अंतिम दिन प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की कथा का वर्णन किया। तिवाड़ी ने मानस प्रेमियों को बताया कि रामचरितमानस प्रेम और जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होने कहा रामायण संमार्ग पर चलना सिखाती है व भाई-भाई से प्रेम और जीवन जीने की कला सिखाती है। कथा के आखिरी दिन राज्याभिषेक के समय राजा रामचंद्र जी के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। तिवाड़ी ने कहा कि भगवान राम जब रावण को मारकर अयोध्या वापस आए तो अयोध्यावासियों ने उनका बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया। अयोध्यावासियों ने फूल वर्षा कर तथा घर में उत्सव मनाकर घी के दिए जलाकर के राम, लक्ष्मण तथा सीता का स्वागत किया। श्रीरामचंद्र जी के राज्याभिषेक में समस्त ब्रह्मांड के देवी देवता पधारे थे। सभी ने राम को राजा बनते देखकर अपार हर्ष व्यक्त किया था। उन्होंने हिंदू धर्म को बढ़ाने के लिए सभी हिंदुओं को धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देने और उनमें अधिकाधिक संख्या में खुद भी आने और बच्चों को संस्कारित करने के लिए उनको भी धार्मिक आयोजनों में लाकर धर्म की प्रति जागृत करने का आह्वान किया। इस मौके पर कथा वाचक वाणीभूषण पंडित प्रभुशरण तिवाड़ी का श्री मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज चिड़ावा की ओर से अभिनंदन भी किया गया। समाज अध्यक्ष राजेश सोनी भामा सहित समाज के विशिष्ट जनों ने शॉल, दुपट्टा ओढ़ाकर और माला पहनाकर तिवाड़ी का अभिनंदन किया। इस दौरान भगवान राम के राज्याभिषेक की सजीव झांकी ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में मनोज रोडा, अरविंद रोडा, जयप्रकाश सोनी, सुभाष वर्मा, दिनेश, सौम्या सोनी, बालकिशन शर्मा, गोविंद सोनी, चंद्रमोली पचरंगीया, मयंक सोनी, ऋषिकेश कुमावत, नरेश, प्रमोद, मुकेश कुमार, बाबूलाल सोनी, अमित, मदन, श्याम सुंदर शर्मा, शीशराम, जगदीश प्रसाद, लीलू सिंह, जनार्दन रोडा, सुलोचना देवी, सुमन देवी, पूजा, मंजू देवी, आशा देवी, हेमलता देवी, गुड्डी देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष मौजूद रहे।

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