श्री पुनरासर हनुमान जी ट्रस्ट बीकानेर (कोलकाता) के तत्वावधान में मंदिर जीर्णोद्धार हेतु कार्यशाला का किया आयोजन

AYUSH ANTIMA
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पुनरासर/श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर (तोलाराम मारू): कार्यशाला का शुभारंभ एवं मंदिर निर्माण के लिए शिला पूजन श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ताराचंद सारस्वत के कर कमलों द्वारा विधिवत रूप से संपन्न किया गया। अपने उद्बोधन में विधायक सारस्वत ने कहा कि पुनरासर का भव्य मंदिर ट्रस्ट, पुजारियों तथा ग्रामवासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से निर्मित होगा। उन्होंने भाव व्यक्त किया कि “मंदिर का निर्माण तो स्वयं बालाजी की प्रेरणा से ही होगा, हम सभी तो मात्र निमित्त हैं।” साथ ही उन्होंने बताया कि पुनरासर एक समृद्ध गांव है और मंदिर के जीर्णोद्धार से यहां की समृद्धि में और अधिक वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान पुनरासर हनुमान जी ट्रस्ट के ट्रस्टीगण—मोटू हर्ष, बजरंग लाल पारीक, सम्पत पारीक, तुलसीदास पुरोहित, राजेश लदरेचा, डॉ.गिरिराज हर्ष, सुभाष आचार्य एवं जगदीश पारिक—द्वारा मुख्य अतिथि विधायक ताराचंद सारस्वत, पुनरासर के सरपंच माननाथ सिद्ध, मंदिर के पुजारी डालचन्द जी बोथरा, महावीर प्रसाद बोथरा, विनोद कुमार बोथरा, विमल कुमार, शिल्पकार नरेंद्र सोनगरा, भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष हेमनाथ जाखड़, महंत श्री प्रेमनाथ जी तथा सेरूणा थाना प्रभारी श्रीमती संध्या विश्नोई का शॉल, साफा एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि माननाथ सिद्ध एवं जगदीश प्रसाद पारीक ने कहा कि पुनरासर ग्राम मंदिर निर्माण कार्य में सदैव सहयोगी रहेगा। ट्रस्ट की ओर से डॉ.गिरिराज हर्ष ने ग्रामवासियों से आग्रह किया कि जैसे भगवान हनुमान जी ने समुद्र को एक ही संकल्प में पार किया, उसी प्रकार यह निर्माण कार्य भी निरंतर और बिना किसी अवरोध के पूर्ण किया जाए, ताकि आगामी विक्रम संवत 2084 की प्रतिपदा को नव-निर्मित मंदिर का भव्य उद्घाटन किया जा सके।
इस अवसर पर ट्रस्टी तुलसीदास पुरोहित, सम्पत पारिक एवं सुभाष आचार्य ने भी सभी से मंदिर जीर्णोद्धार हेतु सहयोग की अपील की। कार्यशाला में पुनरासर गांव के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों एवं युवाओं ने भाग लिया। जिनमें ओंकारनाथ सिद्ध, डिलूराम सिंवर, रूपनाथ, मुन्नीनाथ, आशाराम पारिक, हरिदास स्वामी, रामप्रताप गोदारा, चेतनराम मेघवाल एवं पुनमचंद स्वामी, मोहननाथ सहित प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मंदिर निर्माण में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्ट के मोटू हर्ष द्वारा किया गया, जबकि मंच संचालन डॉ.श्रीकांत व्यास ने सुंदरकांड के दोहों के साथ अत्यंत प्रभावी ढंग से संपन्न किया।

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