निवाई (लालचंद माली): नगर पालिका द्वारा शहर में लगे सैकड़ो अवैध होर्डिंग हटाने का कार्य किया जा रहा है। वैसे तो जनता नगर पालिका के इस कार्य की दिल से सराहना कर रही है। बताया जाता है कि इससे नगर पालिका को लाखों रुपए महीने का नुकसान हो रहा था। बिना नगर पालिका की स्वीकृति के शहर में होर्डिंग नहीं लगाया जा सकता है। नगर पालिका द्वारा होर्डिंग लगाने की एक निर्धारित दर निश्चित की गई है। पालिका द्वारा यूनिपाॅल भी लगाए गए हैं। होर्डिंग लगाने के लिए पहले नगर पालिका से रसीद कटवानी पड़ती है, उसके बाद ही शहर में होर्डिंग लगाए जा सकते है।
*होर्डिंग हटाने में बरती गई दोहरी नीति*
शहर के बुद्धिजीवी एवं आम नागरिकों ने बताया कि शहर में लगे अवैध होर्डिंग हटाने के मामले में नगर पालिका प्रशासन द्वारा सौतेला व्यवहार किया गया है, जिससे पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जाता है कि जिससे पालिका कर्मचारियों की सेटिंग बैठ जाती है, उनके होर्डिंग नहीं हटाए जाते हैं। लोगों ने यहां तक बताया कि पालिका कर्मचारियों ने यह ऊपरी कमाई का तरीका निकाल रखा है।
*मुख्य सरगना के नहीं हटे होर्डिंग*
लोगों द्वारा बताया जाता है की होर्डिंग छापने वाला सरगना नगर पालिका के कर्मचारियों से सेटिंग रखता है। पार्टियों से पूरे पैसे वसूल लिए जाते हैं लेकिन नगर पालिका में एक भी रसीद नहीं कटवाई जाती है। इस पैसे का सरगना एवं पालिका के कर्मचारी आपस में बंटवारा कर लेते हैं, कार्रवाई के नाम पर कुछ फोटो खींचकर झूठी रिपोर्ट अधिकारियों के सामने पेश कर दी जाती है। अधिकारियों द्वारा या तो क्षेत्र का निरीक्षण नहीं किया जाता है अथवा इन होर्डिंग माफियाओं को अभिदान दे रखा है।
*गोविंद माधव के नहीं हटे अवैध होर्डिंग*
शहर में सबसे ज्यादा अवैध होर्डिंग गोविंद माधव ग्लोबल स्कूल के लगे हुए हैं। जानकारी के अनुसार शहर में करीब एक हजार बिजली के पोल पर गोविंद माधव ग्लोबल स्कूल के होर्डिंग लगे हुए हैं लेकिन समूचा पालिका प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इससे नगर पालिका की कार्य प्रणाली संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है। इसके साथ ही चौराहों एवं निजी भवनों पर भी इसके दर्जनों कटआउट लगे हुए हैं। शहर में चर्चा है कि इसकी नगर पालिका कर्मचारियों से बहुत बड़ी सेटिंग हो रखी है।
*निजी संस्थानों पर भी मेहरबान है पालिका प्रशासन*
शहर में निजी शिक्षण संस्थानों एवं अस्पतालों पर भी पालिका प्रशासन मेहरबान होने के कारण उनके होर्डिंग भी नहीं हटाए गए हैं। होर्डिंग हटाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। बताया जाता है कि इन कर्मचारियों की जवाबदेही एवं निष्पक्षता तय की जानी चाहिए, जिससे पालिका की कार्रवाई के प्रति लोगों में विश्वास बना रहे। जिस प्रकार से रेलवे एवं नेशनल हाईवे के प्रति लोगों में यह मानसिकता बन गई है कि इनके द्वारा जो कार्रवाई की जाएगी, वह निष्पक्ष एवं पारदर्शी की जाएगी, उसमें कोई भी आमजन रोडा नहीं अटकाना चाहता है।