आयुर्वेद और तकनीकी शिक्षा का संगम: आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर एवं बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर (श्रीराम इंदौरिया): डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर एवं बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय, बीकानेर के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण एमओयू सम्पन्न हुआ। जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि यह समझौता आयुर्वेद, तकनीकी शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। एमओयू पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल और बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय की तरफ से कुलगुरु प्रोफेसर अखिल रंजन गर्ग ने हस्ताक्षर किए। एमओयू समारोह में डॉ.गणेश प्रजापत, डीन, इंडस्ट्री इंस्टिट्यूट रिलेशंस, डॉ.रितु राज सोनी (एसोसिएट डीन, इंडस्ट्री इंस्टिट्यूट रिलेशंस), डॉ.राणुलाल चौहान (एसोसिएट डीन, इंडस्ट्री इंस्टिट्यूट रिलेशंस), आयुर्वेद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर चंदन सिंह, प्रोफेसर महेंद्र कुमार शर्मा, प्रो.नीलिमा रेड्डी, प्रो.दिनेश चंद शर्मा तथा डॉ.मनीषा गोयल सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। दोनों संस्थानों ने इस साझेदारी को दीर्घकालिक एवं परिणामोन्मुख बनाने का भी संकल्प लिया। समझौते के तहत दोनों संस्थान शिक्षण और शोध से संबंधित जानकारी का आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान अध्ययन, पाठ्यक्रम विकास, अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम, फैकल्टी एवं विद्यार्थियों का आदान-प्रदान, तथा शैक्षणिक संसाधनों का साझा उपयोग करेंगे। इस पहल से आयुर्वेद और तकनीकी शिक्षा के बीच सहयोग का नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है, जो भविष्य में अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्रीय हित में ज्ञान के विकास को गति देगा। इस अवसर पर बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि यह एमओयू दोनों संस्थानों के लिए अकादमिक और शोध सहयोग का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इससे तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों को आयुर्वेद और स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। यह समझौता पारंपरिक आयुष चिकित्सा एवं आधुनिक तकनीकी शिक्षा के समन्वय का एक सशक्त माध्यम बनेगा, जिससे छात्रों एवं शोधार्थियों को नए अवसर प्राप्त होंगे। कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि यह समझौता आयुर्वेद और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के बीच सहयोग को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में स्वास्थ्य विज्ञान और तकनीकी नवाचार का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इस साझेदारी से दोनों विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों को संयुक्त अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय देश और दुनिया में आयुष शिक्षा और शोध को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैl

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