झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): निदेशालय महिला अधिकारिता विभाग, जयपुर के आयुक्त राकेश राजोरिया ने झुंझुनूं जिले में महिला अधिकारिता विभाग के विभिन्न केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आयुक्त राजोरिया ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर काउंसलरों से केंद्र की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली और सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने कार्यालय परिसर में संचालित क्रेच का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की।
उन्होंने पन्नाधाय सुरक्षा एवं समान केंद्र का निरीक्षण कर काउंसलरों से उनके कार्यों के बारे में चर्चा की और विभागीय गतिविधियों में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए। वार्ड नंबर 12 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने उड़ान योजना के लाभार्थियों से संवाद किया तथा सैनिटरी पैड की गुणवत्ता और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्योला ने बताया कि आयुक्त ने MSSK झुंझुनूं का भी निरीक्षण किया और काउंसलरों से पूछा कि वे महिलाओं को किस प्रकार सहयोग प्रदान करती हैं तथा विभागीय योजनाओं का लाभ किस तरह पहुंचा रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी काउंसलरों को विभाग की योजनाओं की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर लाभ मिल सके।
आरकेसीएल के अंतर्गत जीएस एकेडमी में आरएससीआईटी व आरएससीएफए प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से भी उन्होंने संवाद किया। उन्होंने बालिकाओं से पूछा कि वे किस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण ले रही हैं और उनसे किसी प्रकार की फीस तो नहीं ली जा रही है। साथ ही एकेडमी संचालक को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के बाद बालिकाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कंपनी और सीए से समन्वय किया जाए। महिला अधिकारिता विभाग के स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित अमृता सहकारी बाजार (बुकतरी) का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की और महिलाओं के साहस व आत्मनिर्भरता की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
अलसीसर ब्लॉक की लूणा ग्राम पंचायत में साथीन के महिला विकास केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अन्य जिलों में भी साथीनों को ग्राम पंचायत स्तर पर अपने कार्यालय स्थापित करने के लिए प्रयास करने चाहिए। इस दौरान दो बालिकाओं के जन्म पर बेटी जन्मोत्सव तथा गोदभराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। धुंधरी ग्राम पंचायत में आयुक्त ने लीला और शबनम द्वारा एमएनएसयूपीवाई योजना के तहत लिए गए ऋण से संचालित व्यवसाय का अवलोकन किया और उनकी सराहना करते हुए आगे भी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। अलसीसर ब्लॉक में सुपरवाइजर कार्यालय का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इसे पूरे राज्य के लिए रोल मॉडल बताया। यहां संचालित प्रशिक्षण केंद्र तथा व्यवस्थाओं की सराहना की। इस दौरान सरिता (साथीन भूधा का बास), फरजाना (साथीन पीथूसर) और सुमन (साथीन खरिया) से उनके कार्यों के बारे में जानकारी ली और उनकी समस्याओं के बारे में भी पूछा। निरीक्षण के दौरान अलसीसर की पूजा कंवर, जो एक विधवा महिला हैं, द्वारा एमएनएसयूपीवाई योजना के तहत व्यवसाय शुरू करने की पहल की आयुक्त ने सराहना की। उन्होंने उनकी हिम्मत और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा करते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।