जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): स्वामी केशवानंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एवं ग्रामोत्थान (एसकेआईटी), जयपुर में “इन्नोवेट, प्रोटेक्ट, सक्सीड: आईपीआर अवेयरनेस फॉर फ्यूचर लीडर्स” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला डीएसटी (राजस्थान) की आईपीआर जागरूकता एवं प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत आयोजित की गई तथा इसका आयोजन संस्थान के आईपीआर सेल द्वारा जेसी बोस ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन सत्र में डॉ.मुकेश अरोड़ा, अध्यक्ष, इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के स्वागत उद्बोधन से हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ.राजेश मेथी, चेयरमैन, आईएसटीडी जयपुर उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्य भाषण भी दिया। उन्होंने अपने संबोधन में नवाचार, उद्यमिता तथा आर्थिक विकास में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ.सविता चौधरी, संयोजक, आईपीआर सेल ने विद्यार्थियों में नवाचार एवं स्टार्टअप संस्कृति विकसित करने हेतु इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। सुश्री श्रुति गुप्ता, कंप्लायंस एवं कॉर्पोरेट गवर्नेंस कंसल्टेंट ने आईपीआर के कानूनी एवं कॉर्पोरेट पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ.दिनेश कुमार शर्मा ने नवाचार के विभिन्न दृष्टिकोण विषय पर अत्यंत इंटरैक्टिव सत्र प्रस्तुत किया तथा वर्तमान प्रतिस्पर्धी परिवेश में आईपीआर की आवश्यकता एवं प्रासंगिकता को स्पष्ट किया। प्रवीण सारस्वत, सह-संयोजक ने आईपीआर के व्यावहारिक अनुप्रयोगों तथा शैक्षणिक एवं औद्योगिक क्षेत्र में इसकी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बौद्धिक संपदा की सुरक्षा एवं उसके उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण ज्ञान अर्जित किया। अंत में प्रतिभागियों के ज्ञान का मूल्यांकन करने हेतु फीडबैक एवं क्विज सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जिससे यह कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का समापन आईपीआर सेल की सह-संयोजक डॉ.मानसी दीक्षित के ज्ञानवर्धक उद्बोधन के साथ हुआ।