भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशानुसार प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की गई। इनमें पूर्व सांसद संतोष अहलावत, विशंभर पूनीया, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव सिंह शेखावत व पूर्व जिलाध्यक्ष बनवारी लाल सैनी को जगह मिली। कार्यसमिति के सदस्यों की घोषणा के साथ ही गृह जिले झुनझूनू की राजनीति में गर्माहट आ गई। होली स्नेह मिलन आयोजन की आड़ में आजकल सरपंचों, प्रधानों व नगर निकाय अध्यक्षों के दावेदार अपनी राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। दूसरे शब्दों में यह भी कह सकते हैं कि भारतीय तीज त्यौहार भी अब राजनीतिक दलों द्वारा प्रायोजित होने लगे हैं। वैसे तो भारतीय राजनीति गिरगिट की तरह रंग बदलती है, उसको देखकर होली के रंग भी फीके ही नजर आते हैं। भारतीय राजनीति में कब दुश्मनी दोस्ती व दोस्ती दुश्मनी में तब्दील हो जाए कहा नहीं जा सकता है। राजनीति की खिचड़ी पकाने की आड़ मे होली स्नेह मिलन के आयोजन की दो तस्वीरें देखकर सियासी समीकरणों पर चर्चा लाजिमी हो जाती है। पिलानी विधानसभा को लेकर एक तस्वीर में भाजपा प्रत्याशी व राजीव सिंह शेखावत का एक साथ आना आमजन में चर्चा का विषय रहा। दूसरी तरफ कभी पिलानी विधानसभा प्रत्याशी के चहेते रहे रोहतास धाँगड का चिड़ावा पंचायत समिति के पूर्व प्रधान के साथ होली स्नेह की आड़ में राजनीति की नई परिभाषा गढ़ी जा रही है। विदित हो रोहतास धाँग़ड़ की ताजपोशी के समय परिस्थितियां कुछ और थी लेकिन भारतीय राजनीति में दोस्ती कब दुश्मनी व दुश्मनी कब दोस्ती में तब्दील हो जाए कहा नहीं जा सकता है। सूत्रों की मानें तो पिलानी विधानसभा आरक्षित न होकर अब सामान्य होने जा रही है। रोहतास धाँग़ड़ पंचायत समिति प्रधान बनने की फिराक में है और नये राजनितिक समीकरण इसी परिप्रेक्ष्य में बनते नजर आ रहे हैं। वैसै पिलानी विधानसभा ही नहीं बल्कि झुन्झुनू जिला भाजपा अलग अलग पावर सैंटर में बंटी नजर आ रही है। अब यह तो आने वाला समय ही निर्धारित करेगा कि जो तस्वीर होली स्नेह मिलन समारोह की आड़ में नजर आई है, वह पिलानी विधानसभा में क्या गुल खिलाती है।
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