चैत्र नवरात्र सनातन धर्म के स्तम्भ

AYUSH ANTIMA
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नवरात्रि सनातन धर्म में शक्ति की उपासना का मुख्य स्तंभ है, जो नौ दिनों मे मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के माध्यम से अध्यात्मिक, सांस्कृतिक व मानसिक शुद्धि का संदेश देती है। चैत्र नवरात्र की बात करें तो यह चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होते हैं, जो हिन्दू कलैंडर के अनुसार नववर्ष का आगाज माना जाता है। यह समय मानव जीवन के लिए साधना, व्रत, संयम और आत्म चिंतन के लिए उत्तम समय होता है, जिसमें जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ ही मानसिक शांति मिलती है। भारतीय सनातन धर्म की परम्पराओं के अनुसार इन दिनों को नव सृजन, नव ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह देश के अलग अलग हिस्सों मे अलग अलग नामों व परम्पराओं के साथ मनाया जाता है। इसमें मूल संस्कृति, प्रकृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। हिन्दू नववर्ष का समय प्रकृति के परिवर्तन का संकेत लेकर आता है। इस समय बसंत ऋतु अपने यौवन पर रहती है। पेड़ों पर फूटी नई कोंपलों का संचार होता है, जो प्रकृति में नव जीवन का प्रतीक माना जाता है। हिन्दू नववर्ष के साथ ही चैत्र नवरात्र का भी शुभारंभ होता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक पर्व में सनातनी मां दुर्गा की आराधना करते हैं। नवरात्रि का पर्व यह संदेश भी देता है कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के साथ आत्मबल भी बहुत जरूरी है। देवी शक्ति की आराधना के माध्यम से लोग अपने अंदर छिपी नकारात्मक सोच को दूर करके सकारात्मक सोच अपनाने का संकल्प लेते हैं। इस पर्व का केवल धार्मिक स्वरूप ही नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। नारी सशक्तिकरण व नारी सम्मान को लेकर यह संदेश देता है कि हमें नारी शक्ति को सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए व समाज में उसे यथोचित स्थान से विभूषित करना चाहिए। इस पर्व को मनाने से परिवार व समाज में एकजुटता का भाव आता है। इस पर्व में हमें प्रकृति, अध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता देखने को मिलती है व एक सुंदर संतुलन भी दिखाई देता है। यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि भारतीय सनातन जीवन दर्शन, सनातन परम्पराओं व सांस्कृतिक विरासत की भावना भी देखने को मिलती है। यह संयोग ही है कि हिन्दू नववर्ष के आगमन पर हम राजस्थान दिवस भी मना रहे हैं। इससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है कि हमें एकजुटता का परिचय देते हुए सशक्त व समृद्ध राजस्थान के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। राजस्थान सरकार को भी इस दिवस पर संकल्प लेना होगा कि जन कल्याणकारी योजनाओं को ईमानदारी से लागू करें, जिससे जनमानस सुखी जीवन जीने की ओर अग्रसर हो। हिन्दू नववर्ष व राजस्थान दिवस की आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) परिवार की ओर से सभी प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं कि आपके जीवन में सुख शांति व भाईचारे का संचार हो।

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