मंदिर माफी की जमीन को लेकर हाईकोर्ट का फैसला, सरकारी आदेश पर लगाई रोक

AYUSH ANTIMA
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पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): विद्या विहार नगर पालिका क्षेत्र में बहुचर्चित मंदिर माफी की जमीन के रूपांतरण को लेकर नया मोड़ आ गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें भूमि के रुपांतरित करने वाले पालिका प्रशासन के आदेश को निरस्त कर दिया था। विदित हो नगर पालिका विद्या विहार के खसरा नंबर 739 (6.21 हेक्टेयर), जो राजस्व रिकार्ड में मंदिर श्री रघुनाथ जी के नाम दर्ज है। इस भूमि को 25 अप्रैल 2025 को विद्या विहार नगर पालिका प्रशासन ने भू राजस्व अधिनियम की धारा 90A के तहत कृषि भूमि से गैर कृषि भूमि के रुपांतरण की इजाजत दी थी। नगर पालिका प्रशासन ने यह अनुमति निती केडिया, संतोष केडिया, गोविंद राम केडिया व राकेश केडिया के पक्ष में जारी की थी। इसको लेकर स्वायत्त शासन विभाग के विशिष्ट सचिव ने एक आदेश जारी कर रुपांतरण की पूरी प्रक्रिया को अवैध घोषित करते हुए निरस्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ पीडित पक्ष के राकेश केडिया ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता के वकील धर्मेंद्र पारीक ने पैरवी करते हुए अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि पीडित पक्ष को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया जो प्राकृतिक न्याय के सिध्दांतों का उल्लघंन है। न्यायमूर्ति ने याचिकाकर्ता को राहत प्रदान करते हुए 24 फरवरी 2026 के उस सरकारी आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें भूमि के रुपांतरण को रद्द किया गया था। इसके कानूनी पक्ष को देखें तो भूमि की स्थिति वैसी ही रहेगी, जो रुपांतरण के बाद थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार व संबंधित अधिकारीयों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जबाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

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