बीकानेर: अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर बीकानेर जिला कमेटी द्वारा जिला कार्यालय गंगाशहर पर वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगठन की चार दशकों से अधिक की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए वक्ताओं ने महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष को और तेज करने का आह्वान भरा।
*ध्वजारोहण और वैचारिक संदेश*
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला अध्यक्ष शारदा सियाग, सचिव फरजाना द्वारा संगठन का झंडा फहराकर किया गया। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य महासचिव डॉ.सीमा जैन ने कहा, "पिछले 45 वर्षों से AIDWA पितृसत्ता, सांप्रदायिकता और आर्थिक शोषण के खिलाफ महिलाओं की सबसे बुलंद आवाज बना हुआ है।" स्थापना दिवस के प्रतीक स्वरूप 'जनवाद, समानता और नारी मुक्ति' के नारों के साथ आकाश में रंगीन गुब्बारे छोड़े गए।
*दमनकारी विचारधाराओं का प्रतीकात्मक विरोध*
संगठन ने अपनी वैचारिक धार को और तेज करते हुए महिलाओं की प्रगति में बाधक मनुवाद, सामंतवाद और साम्राज्यवाद के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने इन प्रतिगामी विचारधाराओं के प्रतीक पर्चों को जलाकर यह संदेश दिया कि आधुनिक भारत में पितृसत्तात्मक बेड़ियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
*गांव-ढाणी तक संगठन के विस्तार का संकल्प*
45वीं वर्षगांठ की खुशी में केक काटकर एक-दूसरे का उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर जिला सचिव फरजाना ने आगामी कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि संगठन अब बीकानेर के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ गांव-ढाणियों तक अपनी पहुंच बनाएगा ताकि शोषित वर्ग की हर महिला को संगठित किया जा सके। कार्यक्रम मे उर्मिला विश्नोई, बिंदु जैन, रमजानी, मुन्नी, रहमत बानो, शांति, रजिया तथा अन्य उपस्थिति रहे।
बीकानेर: अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर बीकानेर जिला कमेटी द्वारा जिला कार्यालय गंगाशहर पर वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगठन की चार दशकों से अधिक की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए वक्ताओं ने महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष को और तेज करने का आह्वान भरा।
*ध्वजारोहण और वैचारिक संदेश*
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला अध्यक्ष शारदा सियाग, सचिव फरजाना द्वारा संगठन का झंडा फहराकर किया गया। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य महासचिव डॉ.सीमा जैन ने कहा, "पिछले 45 वर्षों से AIDWA पितृसत्ता, सांप्रदायिकता और आर्थिक शोषण के खिलाफ महिलाओं की सबसे बुलंद आवाज बना हुआ है।" स्थापना दिवस के प्रतीक स्वरूप 'जनवाद, समानता और नारी मुक्ति' के नारों के साथ आकाश में रंगीन गुब्बारे छोड़े गए।
*दमनकारी विचारधाराओं का प्रतीकात्मक विरोध*
संगठन ने अपनी वैचारिक धार को और तेज करते हुए महिलाओं की प्रगति में बाधक मनुवाद, सामंतवाद और साम्राज्यवाद के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने इन प्रतिगामी विचारधाराओं के प्रतीक पर्चों को जलाकर यह संदेश दिया कि आधुनिक भारत में पितृसत्तात्मक बेड़ियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
*गांव-ढाणी तक संगठन के विस्तार का संकल्प*
45वीं वर्षगांठ की खुशी में केक काटकर एक-दूसरे का उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर जिला सचिव फरजाना ने आगामी कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि संगठन अब बीकानेर के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ गांव-ढाणियों तक अपनी पहुंच बनाएगा ताकि शोषित वर्ग की हर महिला को संगठित किया जा सके। कार्यक्रम मे उर्मिला विश्नोई, बिंदु जैन, रमजानी, मुन्नी, रहमत बानो, शांति, रजिया तथा अन्य उपस्थिति रहे।