गाजियाबाद कमिश्नर कार्यालय के बाहर हिन्दू संगठनों का उग्र प्रदर्शन, 5 पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर उठा विवाद – 2 निलंबित

AYUSH ANTIMA
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गाजियाबाद सिटी (रविन्द्र आर्य): गाजियाबाद में वीरवार को कमिश्नर कार्यालय के बाहर राजनगर क्षेत्र में उस समय भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जब विभिन्न हिन्दू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस के कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में सड़क पर उतर आए। सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुआ। यह प्रदर्शन शाम लगभग 6 बजे तक चलता रहा और इस दौरान कई बार सड़क जाम भी हुआ। प्रदर्शन में करीब 500 से अधिक हिन्दू कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें विभिन्न संगठनों जैसे करणी सेना, गऊ रक्षा दल, हिन्दू रक्षा दल के पदाधिकारी, संत, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। यह विरोध प्रदर्शन अक्कू पंडित और दक्ष चौधरी के साथ हुए कथित पुलिस दुर्व्यवहार को लेकर किया गया था। धरने में डासना देवी मंदिर से जुड़े संतों और कार्यकर्ताओं, मोहित बजरंगी इकला, राजू बजरंगी, डॉ.प्रकाश, महिला कुश्ती खिलाड़ी राखी, संत आस्था माँ, धर्म रक्षक गुरु अरुण महाराज सहित कई हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पांच पुलिसकर्मियों ने अक्कू पंडित और दक्ष चौधरी के साथ अभद्रता और अनुचित व्यवहार किया, जिससे दोनों पीड़ित की आँखों मे चोट के निशान साफ देखे जा सकतें थे, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कई बार सड़क जाम कर दी और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। महिलाओं ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आक्रोश के साथ प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर पूरे दिन “जय श्रीराम”, “हर हर महादेव” और “दक्ष चौधरी व अक्कू पंडित को इंसाफ दो” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सूत्रों के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एसीपी स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने धरना दे रहे संतों व संगठनों को जानकारी दी कि मामले में जांच के बाद पांच में से दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अन्य 3 पर भी जांच होगी, यह जानकारी उनके द्वारा दी गयी, यह सूचना मिलते ही धरने पर बैठे संत और संगठन धीरे-धीरे शांत हुए और शाम के समय प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस पूरे आंदोलन के दौरान प्रशासन के लिए स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी रही। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित रखी जा सके। प्रदर्शन में शामिल संगठनों का यह भी कहना था कि गौ रक्षा, सनातन धर्म की रक्षा और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा। मंच से कई वक्ताओं ने हिन्दू समाज की एकता पर जोर देते हुए ऐसे मामलों में न्याय की मांग की। बताया गया कि डासना देवी मंदिर से जुड़े संत यति नरसिंहानंद सरस्वती महाराज तथा हिन्दू रक्षा दल के पिंकी भैया को एहतियातन पुलिस द्वारा उनके आवास एवं मंदिर परिसर पर नजरबंद किया गया था, ताकि किसी भी प्रकार की बड़ी कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि गाजियाबाद में कमिश्नर कार्यालय के बाहर इस स्तर का लंबा धरना पहली बार देखने को मिला, जो लगभग सात घंटे तक चला। दिल्ली और आसपास के कई मीडिया संस्थानों तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों ने भी इस प्रदर्शन को कवर किया।
अंततः पुलिसकर्मियों के निलंबन की घोषणा के बाद आंदोलन शांत हुआ, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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