जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (एसकेआईटी), जयपुर में आयोजित दो दिवसीय 6वीं अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “एडवांसमेंट इन नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज (आईसीएएनसीटी-2026)” का आज भव्य एवं प्रभावशाली समापन हुआ। देश-विदेश से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों एवं तकनीकी विशेषज्ञों की सक्रिय सहभागिता ने इस सम्मेलन को नवाचार, अनुसंधान और वैश्विक सहयोग का एक सशक्त मंच बना दिया। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन की शुरुआत डॉ.मुकेश कुमार, प्रोफेसर, आईआईटी इंदौर के विशेषज्ञ व्याख्यान से हुई। उन्होंने चिप-स्तरीय ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरण विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आधुनिक ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़, चिप-स्तरीय एकीकरण, उच्च गति डेटा ट्रांसमिशन तथा भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उनके व्याख्यान ने प्रतिभागियों को तकनीकी नवाचारों की नई दिशा प्रदान की। इसके पश्चात आयोजित पोस्टर प्रेजेंटेशन सत्र में 35 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने नैनो-इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत संचार तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान एवं अन्य अत्याधुनिक शोध विषयों पर अपने अभिनव प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने युवा शोधार्थियों की रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया। इस सत्र के मुख्य निर्णायक के रूप में डॉ.मुकेश कुमार (आईआईटी इंदौर), डॉ.सत्य साई जगन्नाथ नंदन (एसोसिएट प्रोफेसर, एमएनआईटी जयपुर), डॉ.एसएल सुराना (डायरेक्टर अकादमिक, एसकेआईटी), डॉ.आरके जैन (डीन, एसकेआईटी) एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने निर्णायक मंडल के रूप में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए प्रतिभागियों के प्रस्तुतिकरण का सूक्ष्म एवं निष्पक्ष मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का समापन वैलिडिक्टरी सत्र के साथ हुआ, जहां उत्कृष्ट शोध कार्यों को सराहा गया एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस प्रकार के आयोजनों को शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
कॉन्फ्रेंस के समन्वयक डॉ.जयप्रकाश विजय एवं डॉ.नीरज जैन रहे, जबकि मंच संचालन डॉ.हर्षल निगम एवं सुश्री ग्लोरिया जोसेफ द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
आईसीएएनसीटी-2026 ने न केवल नैनो-इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम शोध को वैश्विक मंच प्रदान किया, बल्कि युवा शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार प्रस्तुत करने का एक सशक्त अवसर भी दिया। यह सम्मेलन भविष्य में तकनीकी नवाचार, अनुसंधान उत्कृष्टता और वैश्विक साझेदारी के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।