झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): शेखावाटी की हृदय स्थली झुंझुनूं अब अपनी हवेलियों और वीरता के साथ-साथ अध्यात्म और स्थापत्य कला के एक नए केंद्र के रूप में विश्व पटल पर चमकेगी। बगड रोड स्थित श्री गोपाल गौशाला द्वारा संचालित नंदीशाला में 111 फीट ऊंची भगवान शिव प्रतिमा और अलग से नंदी महाराज की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। शिव प्रतिमा के सामने नंदी महाराज की मूर्ति इस तरह स्थापित होगी जैसे कि नंदी महाराज भगवान शिव को निहार रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार और पिलानी के लाल नरेश कुमावत ने गणगौर के पावन त्योहार के अवसर पर शनिवार को अपने पिता व गुरु मातुराम वर्मा के साथ नंदीशाला का दौरा किया और प्रस्तावित स्थल का सघन निरीक्षण किया। नरेश कुमावत द्वारा बनाई गई अब तक की यह चौथी सबसे बड़ी प्रतिमा होगी।
*तकनीक और परंपरा का संगम*
गौशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया, मंत्री प्रदीप पाटोदिया और डॉ.डीएन तुलस्यान ने हाल ही में गुरुग्राम स्थित 'मातुराम आर्ट गैलरी' का दौरा कर प्रतिमा के डिजाइन और सुरक्षा मानकों पर चर्चा की थी। शनिवार को नंदीशाला पहुंचे नरेश कुमावत ने प्रतिमा का एक विशेष मॉडल गौशाला पदाधिकारियों को भेंट किया। यह पूरी परियोजना एक प्रवासी गौभक्त के सौजन्य से पूर्ण की जा रही है। इस अवसर पर गौशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया, मंत्री प्रदीप पाटोदिया, डॉ.डीएन तुलस्यान, प्रदीप मोदी और आशीष तुलस्यान ने पिता-पुत्र (गुरु-शिष्य) की इस जोड़ी एवं उपस्थित भाजपा नेता महेंद्र चंदवा का साफा व दुपट्टा पहनाकर माल्यार्पण के साथ गौ माता का प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया। इससे पूर्व नंदी महाराज को गुड़ खिलाकर नन्दी सेवा की गई एवं पूरे नंदीशाला परिसर का अवलोकन भी किया गया।
"हमारा उद्देश्य नंदीशाला को एक आध्यात्मिक स्थल बनाना है ताकि समाज में गौ-सेवा के प्रति समर्पण बढ़े।": प्रमोद खंडेलिया अध्यक्ष एवं प्रदीप पाटोदिया मंत्री