यूजीसी क़ानून सवर्ण समाज के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है: डॉ.मूल सिंह शेखावत

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जिले के सवर्ण ( ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं जैन) समाज द्वारा शहर के पीरू सिह सर्किल स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यूजीसी क़ानून (एक्ट) के विरोध में बोलते हुए पूर्व विधायक डॉ.मूलसिह शेखावत ने कहा कि सवर्ण समाज माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्थगन आदेश का स्वागत करते हैं, जिसमें यूजीसी काला क़ानून पर रोक लगाई और उसे लागू करना सवर्ण समाज के साथ अन्याय बताते हुए पुनः विचार करना आवश्यक समझा। डॉ.मूल सिंह ने कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि वे अपने जवाब में इस काले क़ानून को वापस लें। भाजपा की केंद्र सरकार जो हिंदू एकता की बात करती है और दूसरी ओर यूजीसी एक्ट के माध्यम से हिंदू समाज को जातीयों में बाँटकर समाज में नफ़रत का बीज बो रहे हैं, जिसका भविष्य में परिणाम अत्यंत घातक साबित होगा। यह सवर्ण समाज के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे हम बर्दास्त नहीं करेंगे। सवर्ण समाज समन्वयक ने कहा कि सवर्ण समाज ने सदैव सभी वर्गों को साथ में लेकर चलने की व्यवस्था का साथ दिया है फिर उनके साथ भेदभाव अन्याय है। यूजीसी कानून का दुष्प्रभाव सभी वर्गों पर पड़ेगा। शिक्षा का स्तर गिरेगा। ये आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। यूजीसी क़ानून लागू होने से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त हो जाएगी। शिक्षकों के अधिकारों व विद्यार्थियों की स्वतंत्रता पर कुठाराघात होगा व आपस में वैमनस्यता का बीज अंकुरित होगा जिससे सवर्ण समाज के शिक्षकों व विद्यार्थियों में भय का वातावरण बनेगा। इसके दुष्प्रभाव से स्वर्ण समाज के शिक्षको के अध्यापन कार्य बाधित होंगे और विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रहेंगे। वैश्य समाज जिलाध्यक्ष नरेश परशुरामपुरिया ने कहा कि यह सामाजिक न्याय की मूल भावना पर सीधा हमला है। यूजीसी क़ानून लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है, जिससे शिक्षा का स्तर गिरता चला जाएगा। सरकारी संस्थाओं को कमजोर कर निजी विश्वविद्यालयों को सीधा लाभ पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। सनातन भारत संघ अध्यक्ष मनोहर सिंह धोङीवारा ने कहा कि यूजीसी एक्ट लागू कर सवर्ण समाज को हीन बनाकर उन्हें डराने, शिक्षा और रोजगार से वंचित करने का कुत्सित प्रयास व षड्यंत्र किया जा रहा है। सवर्ण समाज इसके विरोध में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य है। इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन संरक्षक राजेन्द्र जोशी, गौड़ समाज के कार्यकारी जिलाध्यक्ष प्रदीप शर्मा अलसीसर, विफा संरक्षक एडवोकेट सुशील जोशी, विफा संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया, विफा जिला महामंत्री वशिष्ठ शर्मा, रवींद्र सिंह तौलियासर, पुजारी महासंघ के जिलाध्यक्ष विनोद पुजारी, अग्रवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष कैलास सिंघानिया, वैश्य जिला उपाध्यक्ष रघुनाथ पोद्दार,
जैन समाज के अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर जैन, महाराव शेखान शेखा संस्थान अध्यक्ष जगदीश सिंह नांद, पारिक समाज के जिलाध्यक्ष संजय पारिक, विफा जिला मंत्री रमेश चोमाल, अमित शेखावत शिशिया सहित सवर्ण समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे ।

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