झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): कृषि विज्ञान केंद्र, आबूसर में सोमवार को 'प्राकृतिक खेती' विषय पर एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आबूसर, दुर्जनपुरा, सिरियासर कलां और अणगासर क्षेत्र के कुल 125 किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सहायक कृषि अधिकारी अरविंद सिहाग ने रासायनिक खेती से मिट्टी और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में सचेत किया और प्राकृतिक खेती को भविष्य की जरूरत बताया। शिविर के दौरान तकनीकी सत्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेन्द्र नागर ने किसानों को जैविक खेती के मुख्य आधार— जीवामृत, बीजामृत, अग्निअस्त्र और निमास्त्र बनाने की विधि और उनके सही इस्तेमाल की जानकारी दी। साथ ही, कृषि अधिकारी सुनील कुमार ने खेती की लागत कम करने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर कृषि पर्यवेक्षक जगदीश सहित कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने किसानों का आह्वान किया कि वे पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए धीरे-धीरे रासायनिक मुक्त खेती की ओर बढ़ें।
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