बीकानेर: बीकानेर शहरी परकोटे के आचार्य चौक में रहने वाले नब्बे वर्षीय वृद्ध मोहन लाल व्यास के कूल्हे में गत 14 जनवरी को फ्रैक्चर हो गया था। इस उम्र में हुआ फ्रैक्चर परिजनों के लिए बेहद चिंताजनक था। इस घटना के बाद मोहन लाल व्यास को पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। जांच के दौरान सामने आया कि मोहन लाल व्यास के कूल्हे का फ्रैक्चर था, जिसे ऑर्थोपेडिक्स में फैक्चर नेक ऑफ फीमर कहते हैं। इस दौरान उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ था और उम्र से जुड़ी कुछ सामान्य बीमारियां थी। इसे कंट्रोल करने के बाद ट्रोमा सेंटर के प्रभारी डॉ.बीएल खजोटिया द्वारा 2 फरवरी को मोहन लाल व्यास का ऑपरेशन किया गया। उन्होंने 90 वर्षीय वृद्ध का सफल कूल्हा प्रत्यारोपण किया। इसके लगभग 13 दिन बाद रविवार को महाशिवरात्रि के दिन डॉ.खजोटिया की मौजूदगी में मोहन लाल व्यास को पूर्ण कूल्हा प्रत्यारोपण के बाद पहली बार खड़ा कर चलाया गया। इस दौरान सभी स्थितियां सामान्य पाई गई और उन्हें रविवार को ही डिस्चार्ज भी कर दिया गया।
मोहन लाल व्यास के पुत्र दीपक व्यास ने बताया कि उनके पिता अब पूर्णतया स्वस्थ हैं। उनके लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अगुवाई में प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना 'मा' वरदान साबित हुई। किसी भी प्राइवेट अस्पताल में लगभग दो लाख रुपए के खर्च पर होने वाला यह ऑपरेशन निःशुल्क हो गया। उन्होंने राज्य सरकार और अस्पताल प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनशील योजना और अस्पताल प्रशासन की सकारात्मकता के कारण यह संभव हुआ। रविवार को जब उनके पिता को पहली बार चलाया तो उन्होंने 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ कदम बढ़ाए। इस दौरान मोहनलाल व्यास भी प्रसन्नचित नजर आए। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का दिन उनके जीवन में नई उम्मीद लाया है अन्यथा इस उम्र में पुनः खड़े होना सपना सा होता है।
डॉ.खजोटिया के नेतृत्व में ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ.संजय तंवर, डॉ.मनीष चौधरी, डॉ.सरोज और नर्सिंग कर्मी मघाराम आदि मौजूद रहे।