जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन “Understanding POSH: Responsibilities, Rights and its Redressal” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ.कंचन माथुर, जेंडर विशेषज्ञ एवं Institute of Development Studies, Jaipur की पूर्व निदेशक रहीं। डॉ.कंचन माथुर ने अपने सशक्त, तथ्यपरक एवं अंतर्दृष्टिपूर्ण व्याख्यान में POSH अधिनियम से जुड़े अधिकारों, दायित्वों तथा शिकायत निवारण की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने समाज में कार्यस्थलों पर विद्यमान जमीनी वास्तविकताओं पर प्रकाश डालते हुए अनेक उद्धरण प्रस्तुत किए, जिससे विषय और अधिक स्पष्ट व व्यावहारिक बन सका। उनके व्याख्यान को छात्राओं से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। सत्र के दौरान छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रश्न पूछे, जिनका डॉ.माथुर ने सहज, प्रासंगिक और व्यवहारिक उदाहरणों के साथ समाधान प्रस्तुत किया। कार्यशाला की संयोजिका डॉ.शारदा सोनी ने अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए उनके कार्य एवं योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का समापन डॉ.निधि शर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ.रिचा रावल, डॉ.अदिति विभूति तथा सुश्री मोनिका खुराना की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। यह विशेष व्याख्यान छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ, जिसने सुरक्षित, संवेदनशील और सम्मानजनक कार्यस्थल की समझ को और सुदृढ़ किया।
महिला प्रकोष्ठ की पाँच दिवसीय कार्यशाला का समापन विशेष व्याख्यान के साथ
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February 14, 2026
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