बहरोड़: शनिवार को मंथन स्पेशल स्कूल में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों हेतु श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, साथ ही एनआईआईटी यूनिवर्सिटी नीमराणा के स्कॉलर्स ने मंथन स्पेशल स्कूल का दौरा किया। जिसमें बी.टेक कंप्यूटर साइंस के प्रथम वर्ष के छात्र छात्रायें एवं स्टाफ मंथन के दिव्यांग बच्चों से रूबरू हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में दिव्यांग बच्चों द्वारा वर्ष 2019 में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए चालीस वीर जवानों को मोमबत्ती जलाकर, मौन रखकर तथा देशभक्ति के गानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
राष्ट्रीय सचिव डॉ.सविता गोस्वामी ने आए हुए स्कॉलर्स को स्कूल एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर विजिट करवाया, साथ ही दिव्यांगताओं की सभी कैटेगरीज एवं उनकी विशेषताओं के बारे में समझाया। वहीं मंथन संस्थापक डॉ.पीयूष गोस्वामी ने “सहानुभूति नहीं सहयोग चाहिए” का संदेश देते हुए बताया कि हर बच्चा एक विशेषता के साथ जन्म लेता है। इन बच्चों में भी अनेक विशेषताएं होती हैं, बस जरूरत है उसे पहचानने की और इनको अपनाने की। इसके बाद यूनिवर्सिटी से आए हुए छात्र छात्राओं ने बच्चों के साथ समय बिताया, जिसमें वे बच्चों के साथ खेले उनसे उनके अनुभव शेयर किए और उनके द्वारा वोकेशनल ट्रेनिंग के दौरान बनायी गए सामान को देखा और उनमें छिपी हुई प्रतिभाओं को सराहा। जैसा कि विदित है मंथन फाउंडेशन गत ग्यारह वर्षों से दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए कार्यरत है। जिसमें विशेष बच्चों को शिक्षा, थेरेपी, व्यावसायिक प्रशिक्षण, सहायक उपकरण वितरण के साथ साथ सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से जोड़ना एवं दिव्यांगता की रोकथाम के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन शामिल है। इस अवसर पर मंथन संस्थापक डॉ.पीयूष गोस्वामी, सचिव डॉ.सविता गोस्वामी, विशेष शिक्षक शालिनी शर्मा, अंकित सैन, डेनिश कुमार, पायल, प्रवीण यादव, एनआईआईटी यूनिवर्सिटी से कम्युनिटी कनेक्ट प्रोग्राम कॉर्डिनेटर अंशिमा श्रीवास्तव, प्रोफेसर डॉ.दिनेश कुमार, तनुष गुप्ता, ईशान गुप्ता, हितेन यादव, कीर्ति लोहिया, प्रकृत्ति, कनुष्का सैनी सहित बच्चे और अभिभावकगण उपस्थित रहे।