बीकानेर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे विशेष किसानों के लिए राहतदाई साबित हो रहे हैं। ऐसा ही दृश्य गुरुवार को श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति के ठुकरियासर में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर में देखने को मिला। शिविर में किसान देवीलाल के लिए राहत लाया, क्योंकि देवीलाल को राज्य सरकार की तारबंदी योजना के तहत अपने खेतों के चारों ओर तारबंदी करने पर 40 हजार रुपए के अनुदान की राशि मिली। तारबंदी योजना में अनुदान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। देवीलाल ने बताया कि पहले फसल को आवारा जानवरों से बचाने के लिए रातभर जागकर खेतों की सुरक्षा करनी पड़ती थी या खुद के पैसे खर्च कर रखवाली करवानी पड़ती थी लेकिन अब वह चिन्तामुक्त है। देवीलाल ने कृषि विभाग के से जानकारी मिलने के बाद तारबंदी योजना के तहत सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन करने के बाद उनके खातेदारी के खेतों के खसरा नंबर का प्री-वेरिफिकेशन हुआ और तारबंदी योजना के तहत अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद दोनों ने अपने खातेदारी के खेतों के चारों ओर तारबंदी का कार्य करवाया। तारबंदी का कार्य पूरा होने के बाद वित्तीय स्वीकृति के आदेश जारी हुए और उन्हें सब्सिडी राशि मिली। खेत की तारबंदी होने के बाद देवीलाल को अब आवारा पशुओं द्वारा फसल नष्ट किए जाने और खेतों की रखवाली की चिंता नहीं करनी पड़ती। सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने बताया कि तारबंदी योजना के तहत किसानों का लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपए तथा लघु व सीमांत किसानों को 48 हजार रुपए अनुदान देय है। ग्राम उत्थान शिविर में सहायक कृषि अधिकारी श्रीराम जाखड़, कृषि पर्यवेक्षक भागीरथ कुलड़िया, प्रियंका यादव, बनवारी लाल सैनी व प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
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