सुजडोला/पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): बाबा मंढी आश्रम में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। कथा के अंतिम दिन हवन, पूर्णाहुति और महाप्रसादी के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
पीठाधीश्वर आकाश गिरी महाराज ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी कथा के साथ पारंपरिक मेला, कुश्ती दंगल एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिससे धार्मिक आस्था के साथ ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को भी मंच मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में संस्कार, अनुशासन और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत होता है। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रतिक चिन्ह एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान मंच पर धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में आयोजन समिति के सदस्य एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें सरपंच आजाद दमदौरा, सरपंच भानु सिंह (सुजडोला), पूर्व सरपंच सुमेर सिंह, पूर्व सरपंच शिशराम महला, जयसिंह शेखावत, चंद्रपाल, अर्जुन सिंह, विजय सिंह, राजकुमार, अनिल यादव, सुरेंद्र सिंह, अशोक सिंह ठेकेदार, मानसिंह लिखवा, रामचंद्र यादव, रतन सिंह सैनी, राजेन्द्र चौधरी, रोहिताश सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समिति अध्यक्ष समाजसेवी एवं भाजपा नेता महेश बसावतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में दूर-दराज़ के गांवों से श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा के माध्यम से समाज में नैतिकता, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया गया, वहीं खेलकूद प्रतियोगिताओं ने युवाओं में उत्साह भर दिया।
समापन पर श्रद्धालुओं ने बाबा मंढी धाम की परिक्रमा कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। भक्ति, परंपरा और ग्रामीण खेलों के समागम ने इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।