देहदान का अनुकरणीय उदाहरण, डॉ. एल.के. कपिल ने अपनी माताजी सुरेश बाला के निधन पर उनका पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज में किया दान

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर, (सरजीत सिंह)। मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक एवं भावुक क्षण रविवार के दिन देखने को मिला, जब स्वर्गीय सुरेश बाला शर्मा के पार्थिव शरीर को उनके पुत्र डॉ. लवलीन कपिल ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के शरीर रचना (एनाटॉमी) विभाग को दान कर दिया।

यह महादान न केवल एक परिवार की उदारता का प्रतीक है, बल्कि सर्व समाज के लिए देहदान की महत्ता को रेखांकित करता है। ट्रॉमा सेंटर पीबीएम के सीएमओ डॉ. एल.के. ने अपनी माताजी के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार करने के बजाय चिकित्सा शिक्षा के लिए यह अमूल्य योगदान दिया। इससे समाज में देहदान की उपयोगिता और महत्व का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत हुआ है।

इस दौरान अतिरिक्त प्रधानाचार्य नौरंग लाल महावर, शरीर रचना विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि, देहदान प्रभारी डॉ. जसकरण सिह, डॉ. रति राम, डॉ. रामेश्वर व्यास, डॉ. कौशल रंगा डॉ. हेमंत, डॉ. नुमान, डॉ. सुनील स्टाफ सदस्य शिवदान, दिनेश, केशव, मनोज एवं मंगल चंद आदि ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित किये

भावुक पल के दौरान डॉ. एल के कपिल ने बताया कि"देहदान चिकित्सा शिक्षा की आधारशिला है। यह महादान मेडिकल विद्यार्थियों की शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान कार्यों को अमूल्य सहयोग प्रदान करता है, जिससे समाज को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होता है  

उन्होंने आमजन से भी देहदान के इस महान कार्य में आगे आने का आह्वान किया।

अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. नौरंग लाल महावर ने बताया कि सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में हाल के वर्षों में देहदान के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे ही कार्यों से आने वाली पीढ़ियों के डॉक्टर बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर समाज की सेवा कर सकेंगे।

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