बगड़ (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): अंबेडकर विचार मंच बगड़ द्वारा अंबेडकर सर्किल, जाटावास में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पशुपालन विभाग के पूर्व निदेशक डॉ.जगदीश बरवड़ ने की। इस अवसर पर दिव्य विकास के भूगोल विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने पर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण से की गई। इसके पश्चात दिव्य विकास को माला व साफा पहनाकर प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों को मिठाई वितरित की गई। इस अवसर पर पशुपालन विभाग उपनिदेशक शिवरतन गहनोलिया, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतवीर बरवड़, एईएन रामप्रताप बरवड़, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा, पूर्व व्याख्याता करणी राम बरवड़, पूर्व सरपंच बनवारी लाल गोठवाल, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष रामलाल चंदेलिया, पार्षद शुभकरण बरवड़ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा ने बताया कि झुंझुनूं जिले के बगड़ कस्बे से ताल्लुक रखने वाले दिव्य विकास ने भूगोल असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में पहली ही कोशिश में 121वीं रैंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सीमित संसाधनों, नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बिना कोचिंग यह सफलता हासिल करना हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मूल रूप से शिक्षा नगरी के नाम से प्रसिद्ध बगड़ कस्बे के निवासी दिव्य विकास वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाडनूं में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया से दूर रहते हैं और मोबाइल का सीमित उपयोग करते हैं। अध्यापन कार्य के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई को कभी पीछे नहीं छोड़ा। उन्होंने शिक्षा के प्रति युवाओं को जागरूक करने, निरंतर अध्ययन और नई चीजें सीखने को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया, जिसके चलते वे अपने लक्ष्य के करीब पहुंचते गए और आज असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना साकार कर सके। दिव्य विकास की सफलता के पीछे सीमित संसाधनों में बनाई गई स्वयं की रणनीति, कड़ी मेहनत और अनुशासन प्रमुख कारण रहे। उनका परिवार भी शिक्षा से गहराई से जुड़ा है। उनके पिता सेवानिवृत्त व्याख्याता करणीराम बरवड़, माता परमेश्वरी देवी गृहणी हैं, जबकि भाई निशांत बरवड़ डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के सहयोग और प्रेरणा ने उनके शैक्षणिक सफर को नई दिशा दी। समारोह के अंत में सभी वक्ताओं ने दिव्य विकास को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
अंबेडकर विचार मंच ने दिव्य विकास के असिस्टेंट प्रोफेसर बनने पर किया सम्मान
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January 19, 2026
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