झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): लावरेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के 35वें वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा यज्ञ में तिसरे दिवस पर व्यास पीठ से विश्वविख्यात श्रद्धेय श्री परमेश्वर लालजी गुरुकृपा कोलकात्ता ने अपने कोकिल कंठ से गणेश पूजन के साथ मधुर संगीतमय कीर्तन तथा सरल हिंदी भाषा में रोचक एवं ज्ञान राग दृष्टांत सहित कथा का रसपान श्रोता भक्तों को करवाते हुए प्रह्लाद चरित्र और वामन अवतार का विस्तार से वर्णर करते हुए कहा कि ये कथाएं भक्ति और धर्म की गाथाएं हैं, जिनमें प्रह्लाद ने अत्याचारी पिता के सामने भी भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी, जिससे नृसिंह अवतार हुआ और वामन अवतार में भगवान विष्णु ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर अहंकार पर विजय और परोपकार का महत्व समझाया। ये कथाएं हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म पर दृढ़ रहने और अहंकार त्यागने की प्रेरणा देती हैं। कथा के मध्य में महाराज श्री के कर्ण प्रिय भजनों पर महिलाओं एवं भक्तों ने नाच कर गाकर खुशी का इजहार किया। इससे पूर्व भागवत ग्रंथ का पूजन मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों एवं मोदी परिवार द्वारा विद्वान पंडितों के आचार्यत्व में किया गया। बसंत पंचमी के अवसर पर प्रातः 9 बजे से विद्वान पंडितों के आचार्यत्व में 51 किलो दूध एवं अन्य सामग्री से विधि विधान के साथ रुद्राभिषेक किया गया। रुद्राभिषेक के पश्चात आरती हुई एवं सभी श्रद्धालु भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। कथा का समय 1 बजे से सायंकाल 5 बजे बजे तक का रखा गया है।
कथा स्थल में पंडाल एवं स्टेज डेकोरेशन के लिए डेकोरेटर माँ भगवती आर्ट के आशीष श्रीमोहन तुलस्यान एवं टेंट के लिए रामावतार जांगिड़ द्वारा सुंदर व्यवस्था की गयी है। कथा श्रवण हेतु महिलाओं एवं पुरुषों की बैठने के लिए अलग-अलग सुन्दर व्यवस्था सराहनीय रही।
24 जनवरी को कथा में श्रीराम अवतार एवं कृष्ण जन्म (नन्दोत्सव) कथा का वाचन महाराज श्री करेंगे।