निवाई (लालचंद सैनी): योगेश शैक्षिक पुनर्वास एवं शोध संस्थान द्वारा भारतीय पुनर्वास परिषद, नई दिल्ली द्वारा अनुमोदित दिव्यांग बालकों की शिक्षा एवं प्रशिक्षण में समकालीन प्रौद्योगिकी का उपयोग और महत्व पर विशेष शिक्षकों का जोनल लेवल तीन दिवसीय सतत पुनर्वास कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें 50 विशेष शिक्षकों ने भाग लिया। संस्थापक सचिव डॉ.सीताराम स्वामी व कार्यक्रम समन्वयक मनोज कुमार स्वामी ने बताया कि प्रथम दिवस सहायक आचार्य साइकोलॉजी हेमंत शर्मा ने बौद्धिक व विकासात्मक दिव्यांगता वाले बालकों के लिए आईसीटी और वैकल्पिक और संवर्धन संचार पर विस्तृत चर्चा की। सहायक आचार्य राकेश स्वामी ने विशेष आवश्यकता वाली शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग पर विस्तार से बताया। तृतीय सत्र में समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र अहमदाबाद के निदेशक डॉ.अजीत कुमार ने विशेष आवश्यकता वाले बालकों के शिक्षण और प्रशिक्षण के लिए प्रौद्योगिकी पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र अहमदाबाद के सहायक आचार्य प्रियंका सिंह चौहान ने विशेष आवश्यकता वाले बालकों के कक्षा कक्ष व पाठ्यक्रम में तकनीकी एकीकरण पर जानकारी प्रदान की। कोर्स कोआर्डिनेटर मनोज कुमार स्वामी ने दिव्यांग बच्चों के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के नैतिक और व्यावहारिक मुद्दों पर चर्चा की। शिरोमन आचार्य ने बधिर शिक्षार्थियों के लिए डिजिटल शैक्षिक उपकरण पर कई प्रकार के एप के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतिम दिवस में समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र, जयपुर के निदेशक डॉ.नीरज मधुकर ने विशेष शिक्षा के समकालीन प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी दी। कोर्स कोआर्डिनेटर अरविंद कुमार टेलर ने श्रवण बाधित बच्चों के लिए सहायता एवं अनुकूलीय प्रौद्योगिकी की विस्तार से जानकारी दी।
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