झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): लावरेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के 35वें वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा यज्ञ में पांचवे दिवस पर व्यास पीठ से विश्वविख्यात श्रद्धेय श्री परमेश्वर लालजी गुरुकृपा कोलकात्ता ने अपने कोकिल कंठ से गणेश पूजन के साथ मधुर संगीतमय कीर्तन तथा सरल हिंदी भाषा में रोचक एवं ज्ञान राग दृष्टांत सहित कथा का रसपान श्रोता भक्तों को करवाते हुए श्रीकृष्ण बाललीला एवं गोवर्धन उत्सव का वाचन करते हुए बताया कि यह भगवान के नटखटपन, प्रेम और इंद्र के अहंकार को नष्ट करने की दिव्य कथा है। नन्हे कृष्ण ने ब्रजवासियों को इन्द्र पूजा के बजाय प्रकृति (गोवर्धन पर्वत) की पूजा करने को प्रेरित किया। कोपित इंद्र के विनाशकारी तूफान से रक्षा के लिए कृष्ण ने सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी उंगली पर उठाया। कथा के मध्य में महाराज श्री के कर्ण प्रिय भजनों पर महिलाओं एवं भक्तों ने नाच कर गाकर किया खुशी का इजहार। इससे पूर्व भागवत ग्रंथ का पूजन मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों एवं मोदी परिवार द्वारा विद्वान पंडितों के आचार्यत्व में किया गया। कथा का समय 1 बजे से सायंकाल 5 बजे तक का रखा गया है। कथा स्थल में पंडाल एवं स्टेज डेकोरेशन के लिए डेकोरेटर माँ भगवती आर्ट के आशीष श्रीमोहन तुलस्यान एवं टेंट के लिए रामावतार जांगिड़ द्वारा सुंदर व्यवस्था की गयी है। कथा श्रवण हेतु महिलाओं एवं पुरुषों की बैठने के लिए अलग-अलग सुन्दर व्यवस्था सराहनीय रही।
भागवत कथा में व्यासपीठ से कथावाचक श्री परमेश्वर लालजी गुरु कृपा ने कृष्ण बाललीलाओं का किया सुन्दर वर्णन
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January 25, 2026
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