विकसित भारत जी राम जी अधिनियमो की जानकारी के लिए अमृत सरोवरो पर चौपाल लगाकर संवाद से होगा प्रचार-प्रसार

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): ग्रामीण रोजगार की दिशा में एक अप्रेल से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार मनरेगा को आधुनिक और डिजिटल रूप देते हुए 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन' लागू करने वाली है। इस योजना में कार्यस्थल के अक्षांश और देशांतर पोर्टल पर दर्ज होंगे।सैटेलाइट वाचिग, जीपीएस मैपिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भरपूर उपयोग होगा, जिससे फर्जी मस्टररोल और कागजी कार्यों पर पूरी तरह लगाम लगेगी। काम पूरा होने के बाद वह लोकेशन सैटेलाइट इमेज में 'लॉक' हो जाएगी, जिससे भविष्य मे उसी जगह दोबारा कार्य का फर्जी भुगतान नहीं होगा। नए कानून के तहत श्रमिकों को केवल मजदूरी नहीं, बल्कि कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाकर भूजल स्तर सुधार, कृषि, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना आदि कच्चे काम कम और पक्के निर्माण कार्य अधिक होंगे। ग्रामीण बुनियादी ढांचा सुधार कार्यों का प्राथमिकता से प्रस्ताव बनाने से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। ग्राम सभा के प्रस्ताव सीधे युक्तिधारा पोर्टल पर अपलोड होंगे। पोर्टल से स्वीकृति मिलते ही आईडी जनरेट होगी, जो सीधे सिक्योर पोर्टल पर तकनीकी स्वीकृति के लिए जिला स्तर पर पहुंचेगी, जहां से जारी होने के बाद काम की सूचना पंजीकृत श्रमिक के मोबाइल पर पहुंचेगी। वीबी-जी राम जी योजना के तहत श्रमिको को 25 अतिरिक्त दिन का लाभ मिलकर 125 दिन का रोजगार उपलब्ध होगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश चन्द्र यादव ने ज़िले के सभी विकास अधिकारियो को ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत निर्मित अमृत सरोवरों पर विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रमुख प्रावधानों और कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए जनवरी माह मै पोस्टर व बैनर के साथ चौपाल लगा कर चर्चा/सरोवर संवाद किया जाना है। जिसमे जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सहयोगिनियों, राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन से महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों, राशन डीलरो, ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के परिवारों, कमजोर समूहों आदि ग्रामीणों सहित सक्रिय भागीदारी के साथ चौपाल लगाकर संवाद का आयोजन किया जाकर पंचायत निर्णय ऐप के पर जियो टैग फोटो और वीडियोग्राफी के साथ-साथ कार्यवाही विवरण, प्रतिभागियों की संख्या, वास्तविक समय में अमृत सरोवर मोबाइल एप्लिकेशन पर जनवरी माह में अपलोड करने के निर्देश दिए गए है।

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