श्रीमद्भागवत कथा के दौरान संत श्री हरिशरण जी महाराज ने किया कृष्ण बाल लीलाओं का वर्णन

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): गोयनका परिवार द्वारा खेमी शक्ति रोड पंचदेव मंदिर के पास श्री मुनि अतिथि भवन स्थित पाटोदिया सभागार में 25 जनवरी से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ से कथा मर्मज्ञ संत श्री हरिशरण जी महाराज ने कथा के पांचवें दिवस पर बालकृष्ण लीलाओं एवं पूतना वध का मार्मिक व रसपूर्ण विवेचन का रसास्वादन कथा प्रेमियों को कराता हुए कहा कि पूतना वध बालकृष्ण की प्रथम प्रमुख लीला है, जहाँ कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना सुंदर रूप धरकर विषैले स्तनपान से कृष्ण को मारना चाहती थी। कृष्ण ने दूध के साथ-साथ उसके प्राण सोख लिए, जिससे उसका विशाल राक्षसी रूप प्रकट हुआ। यह घटना बुराई पर अच्छाई की विजय, वात्सल्य और अद्भुत रस का अद्भुत संगम है, जहाँ ईश्वर का प्रेमपूर्ण न्याय झलकता है। इस अवसर पर उनके द्वारा गाए गए भजनों पर श्रोता भक्तों ने नाचकर गाकर खुशियां मनायी।कथा के मुख्य आयोजक गोयनका परिवार के सुरेश गोयनका ने बताया कि झुंझुनू के भगवत प्रेमी व दूर दूर से आ रहे परिवार के स्वजन व रिश्तेदार पिछले पांच दिनों से कथा सत्संग का आनंद ले रहे हैं। कथा का समापन दिनांक 31-1-26 को होगा। कथा सत्संग में आनंद लेने व व्यवस्था बनाने में सुरेश गोयनका, विष्णु गोयनका, अशोक गोयनका, आदित्य गोयनका, राजकुमार जालान, मुकेश व महेश मंडेलिया, संदीप खेमानी उज्जैन, श्रोताओं में दिनेश ढंढारिया, कुंदन सिंगडोदिया, कुंजबिहारी वशिष्ठ, राजकुमार मोरवाल, सुमन, शशि वशिष्ठ, निर्मला ढंढारिया, परमेश्वर हलवाई, सुभाश जालान, निर्मल मोदी, श्रवण केजडीवाल, प्रदीप पाटोदिया एवं रुपेश तुलस्यान एवं झुंझुनू प्रभात फेरियों के सदस्य सहित अन्य जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। 

प्रति दिवस नित्य 5 बजे संत हरिशरण जी महाराज के अमृत प्रवचन एवं प्रार्थना सभा के पश्चात प्रभातफेरी का आयोजन भी किया जाता है।

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