श्रीमद्भागवत कथा के दौरान संत श्री हरिशरण जी महाराज ने किया गोवर्धन पूजा का वर्णन

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): गोयनका परिवार द्वारा खेमी शक्ति रोड पंचदेव मंदिर के पास श्री मुनि अतिथि भवन स्थित पाटोदिया सभागार में 25 जनवरी से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ से कथा मर्मज्ञ संत श्री हरिशरण जी महाराज ने कथा के छठे दिवस पर कहा कि वृंदावनवासी हर साल इंद्रदेव की पूजा करते थे। बाल कृष्ण ने गोकुलवासियों को समझाया कि आजीविका का असली आधार गोवर्धन पर्वत और गौधन है, न कि इंद्र। कृष्ण की बात मानकर ग्रामीणों ने इंद्र की पूजा बंद कर दी। इससे क्रोधित होकर इंद्र ने मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी, जिससे गोकुल में बाढ़ आ गई। इस पर ग्रामवासियों की रक्षा के लिए कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत उठाया, जिसके नीचे सभी ने शरण ली। अपनी शक्ति से कृष्ण ने इंद्र का मान मर्दन किया, जिसके बाद इंद्र ने अपनी गलती मानकर क्षमा मांगी। सात दिन बाद, पर्वत को नीचे रखकर व्रजवासियों ने भव्य भोज (अन्नकूट) बनाकर गोवर्धन पर्वत को अर्पित किया। व्यास पीठ से महाराज श्री ने कथा में महारास वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज की गोपियों के बीच शरद पूर्णिमा की रात यमुना तट पर हुई दिव्य प्रेम और साधना की लीला है। यह देह से ऊपर उठकर आत्मा और परमात्मा का मिलन है, जिसमें कृष्ण ने योगमाया से प्रत्येक गोपी के साथ स्वयं को प्रकट किया। यह काम, विजय और प्रेम भक्ति की कथा है। इस अवसर पर उनके द्वारा गाए गए भजनों पर श्रोता भक्तों ने नाचकर गाकर खुशियां मनायी। कथा सत्संग में आनंद लेने व व्यवस्था बनाने में सुरेश, विष्णु, अशोक एवं आदित्य गोयनका, राजकुमार जालान, मुकेश व महेश मंडेलिया, संदीप खेमानी उज्जैन, श्रोताओं में दिनेश ढंढारिया, कुंदन सिंगडोदिया, कुंज बिहारी वशिष्ठ, राजकुमार मोरवाल, सुमन, शशि वशिष्ठ, निर्मला ढंढारिया, श्रवण केजडीवाल, प्रदीप पाटोदिया, रुपेश तुलस्यान, परमेश्वर हलवाई, सुभाश जालान, निर्मल मोदी एवं झुंझुनू प्रभात फेरियों के सदस्य सहित अन्य जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रति दिवस नित्य 5 बजे संत हरिशरण जी महाराज के अमृत प्रवचन एवं प्रार्थना सभा के पश्चात प्रभातफेरी का आयोजन भी किया जाता है। कथा के मुख्य आयोजक गोयनका परिवार के सुरेश गोयनका ने बताया कि कथा का समापन शनिवार, 31 जनवरी को सुदामा चरित्र एवं फूलों की होली के साथ होगा।

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