आगामी बजट में कृषि मंडी शुल्क व कृषक कल्याण शुल्क की देयता हो समाप्त

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर। बीकानेर दाल मिल्स एसोसिएसन के अध्यक्ष जयकिशन अग्रवाल एवं बीकानेर जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने राजस्थान विधान मंडल अधिनियम कीअधिसूचना ग्रुप 2nd दिनांक 19 जुलाई 2024 के प्रभावी हो जाने से लागू मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क से उत्पन्न संकट से उबारने व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्यान आकर्षित करने हेतु सभी सांसदों व विधायकों को पत्र भिजवाकर राज्य सरकार से कृषि मंडी शुल्क व कृषक कल्याण शुल्क समाप्त करने की अनुशंसा करने हेतु निवेदन किया गया है ताकि राज्य सरकार इस समस्या को आगामी बजट में रखकर प्रदेश की सभी अनाज मीलों को राहत प्रदान करवावे। पत्र में बताया गया कि राज्य के कृषि आधारित उद्योगों पर दिनांक 19.07.2024 से राज्य के बाहर से आयातित कच्चे माल पर मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क लागू हो गया है जिसके कारण यहाँ के कृषि आधारित उद्योग पडौसी राज्यों से प्रतिस्पर्द्धा में टिक नहीं पा रहे। जिस कृषि उपज का राज्य में उत्पादन नहीं हो रहा है। अथवा ऐसी कृषि उपज जिसे यहाँ की इकाइयां अन्य राज्यों से अथवा देश के बाहर से आयात कर अपने उत्पादन की निरंतरता बनाए रखती है ऐसी उपज का मंडी शुल्क जिस राज्य से आयात करती है वहां पर चुका दिया जाता है | ऐसे में पुन: अपने गृह राज्य में मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क चुकाने पर लागत बढ़ जाती है और जिससे यहाँ की इकाइयां दुसरे राज्यों की प्रतिस्पर्द्धा में टिक नहीं पाती है जिससे राजस्थान की अनेक इकाइयां पडौसी राज्यों में पलायन कर रही है। आगामी बजट में राज्य की कृषि आधारित औद्योगिक इकाइयों को राज्य के बाहर से आयातित कच्चे माल पर मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण को पूर्णत: छूट प्रदान की जाए | ऐसी व्यवस्था राजस्थान में पहले भी लागू रह चुकी है | जिसके कारण यहाँ कृषि आधारित औद्योगिक इकाइयों में निरंतर वृद्धि हुई थी | साथ ही इस संदर्भ में बीकानेर के मिलर्स की केन्द्रीय क़ानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल तथा प्रभारी एवं चिकित्सा मंत्रीगजेंद्र सिंह खींवसर से बीकानेर आगमन पर चर्चा भी हो चुकी है।

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