श्रीमद्भागवत कथा के दौरान संत श्री हरिशरण जी महाराज ने सुदामा चरित्र सुनाकर कथा को दिया विश्राम

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): गोयनका परिवार द्वारा खेमी शक्ति रोड पंचदेव मंदिर के पास श्री मुनि अतिथि भवन स्थित पाटोदिया सभागार में 25 जनवरी से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ से कथा मर्मज्ञ संत श्री हरिशरण जी महाराज ने कथा के अन्तिम दिवस पर सुदामा चरित्र, मित्रता के प्रसंग के साथ गोपियों के प्रेम व विरह का वर्णन किया। भजन एवं प्रवचन से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महाराज श्री ने सुदामा चरित्र के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की मित्रता निभाने को कहा कि यह युगो युगों तक याद किया जाएगा। उन्होने श्री कृष्ण रूक्मणी के विवाह के दृश्य का विस्तार से प्रवचनों के माध्यम से लाभान्वित कर भक्तजनों को गद्गगद् कर दिया। इस अवसर पर उनके द्वारा गाए गए भजनों पर श्रोता भक्तों ने नाचकर गाकर खुशियां मनायी। कथा का समापन फूलों की होली के साथ किया गया।

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