शूकर पालन प्रशिक्षण से स्वरोजगार को मिली नई दिशा

AYUSH ANTIMA
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अलवर: राजकीय शूकर फार्म, अलवर में चालू वित्तीय वर्ष का सातवाँ तीन दिवसीय आवासीय पशुपालक प्रशिक्षण 15 से 17 जनवरी तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्थान के पाँच जिलों से आए 30 पशुपालकों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रशिक्षण केंद्र के उप निदेशक डॉ.संजय कुमार ने शूकर पालन की आर्थिक उपयोगिता, बढ़ती व्यावसायिक संभावनाओं एवं रोजगारपरक महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शूकर पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिसे अपनाकर ग्रामीण युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ.जितेन्द्र यादव ने प्रतिभागियों को शूकर की उन्नत नस्लों, वैज्ञानिक आवास व्यवस्था, संतुलित आहार प्रबंधन तथा प्रमुख रोगों की रोकथाम के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी।
डॉ.संजय कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बांसवाड़ा, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर एवं अलवर जिलों के पशुपालकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ.महावीर सिंह चौहान, उप निदेशक डॉ.मदन डागर एवं उप निदेशक, बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय अलवर डॉ.सरजीत सिंह द्वारा शूकर पालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर गहन, उपयोगी एवं तथ्यपरक व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ.आरके सक्सेना द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
अंत में उप निदेशक डॉ.संजय कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु डॉ.प्रदीप यादव, डॉ.रविकांत राणा, डॉ.गौरांग शर्मा, समस्त स्टाफ एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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