पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): इस अवसर पर गणपत राम बगरानिया स्मृति संस्थान के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम किसान सम्मेलन की अध्यक्षता निहाल सिंह पूर्व प्रधान तथा सम्मेलन के मुख्य अतिथि पिलानी विधायक पितराम सिंह काला रहे। सम्मेलन में गणपत राम बगरानिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि की गई। निहाल सिंह पूर्व प्रधान ने बगरानिया के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शेखावाटी किसान आंदोलन के समय गणपतराम बगरानिया ने क्षेत्र में जनजागृति कर किसानों को उनके अधिकारों के बारे में अवगत कराया। बगरानिया ने शेखावाटी और तत्कालीन जयपुर स्टेट में शिक्षा ओर मानवाधिकारों की प्राप्ति के लिए संघर्ष करने पर जयपुर सरकार ने सन् 1923 में देश निकाला की सजा सुनाई थी। चिड़ावा में सशस्त्र क्रांति के लिए हथियारों का जखीरा भी इकठ्ठा किया था। यहां के किसानों की मांग के लिए तत्कालीन जयपुर के प्रधानमंत्री सर मिर्जा इस्माइल खान से मिलकर राहत प्रदान करवाई थी। संस्थान के रामसिंह बगरानिया ने बताया कि रियासती दौर में अंग्रेजी सरकार ने मीणा जाति पर जरायमपेशा एक्ट लागू कर प्रताड़ित करने का कार्य शुरू किया गया। जिसके खिलाफ जयपुर राज्य मीणा सुधार समिति का गठन कर बगरानिया ने आंदोलन किया तथा एक्ट को खत्म करवाकर आरक्षण की सूची में मीणा जाति को दर्ज करवाया। रामसिंह बगरानिया ने मान ग्रामीणों की ओर से सरकार से मांग की कि गणपतराम बगरानिया जैसे महापुरुष की जिला मुख्यालय पर प्रतिमा लगानी चाहिए तथा विद्यालय पाठ्यक्रम में शामिल करवाना चाहिए, जिसके लिए ग्रामीणों द्वारा पिलानी विधायक को ज्ञापन दिया गया। पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने कहा कि जिला मुख्यालय पर प्रतिमा ओर स्कूली पाठ्यक्रम में गणपत राम बगरानिया की जीवनी को शामिल करने के लिए मै संबंधित मंत्रियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर इसके लिए प्रयास करूंगा। विधायक काला ने बताया कि पिलानी विधानसभा में कुंभाराम लिफ्ट का पानी जल्दी ही क्षेत्र की जनता को मिलेगा। सम्मेलन में इंद्राज सिंह मूर्तिकार ने लाल चौक में 734 दिन से यमुना जल समझौते को लेकर चल रहे धरने को समर्थन का प्रस्ताव रखा, जिसका सम्मेलन में एक स्वर से समर्थन किया तथा आंदोलन को तेज करने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया।
किसान आंदोलन के नेता गणपत राम बगरानिया की मनाई गई 52वीं पुण्यतिथि
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January 04, 2026
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