अलवर: माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA), जयपुर के निर्देशानुसार प्रदेश भर में संचालित ‘मेडिएशन फॉर द नेशन: मध्यस्थ अभियान 2.0’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को अलवर में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनंत भंडारी की अध्यक्षता में एवं सचिव मोहन लाल सोनी के निर्देशन में संपन्न हुई। बैठक में न्याय क्षेत्र के सभी न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। अध्यक्ष भंडारी ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह विशेष मध्यस्थता अभियान 2 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में निस्तारण करना है।
उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में ऐसे ‘क्वालिटी मैटर’ चिन्हित करें, जिनमें मध्यस्थता के माध्यम से समाधान की प्रबल संभावना हो। साथ ही केवल प्रकरणों को मध्यस्थता के लिए रेफर करने पर ही नहीं, बल्कि प्रभावी काउंसलिंग के जरिए उन्हें सफल निस्तारण तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि सुनवाई के दौरान पक्षकारों को मध्यस्थता के लाभ—जैसे समय और धन की बचत, भविष्य की कटुता से मुक्ति तथा सौहार्दपूर्ण समाधान—के प्रति जागरूक किया जाए। उल्लेखनीय है कि ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0’ एक त्रि-मासीय विशेष अभियान है, जिसके अंतर्गत वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस (NI Act), संपत्ति विवाद, श्रम विवाद एवं अन्य दीवानी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता हेतु लिया जा रहा है। मध्यस्थता से होने वाले समझौतों को न्यायालय की डिक्री के समान मान्यता प्राप्त होती है, जिसमें किसी भी पक्ष की हार नहीं बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है।