बीकानेर। बीकानेर चिल्ड्रन फेस्टिवल ‘आजू गूजा 2.0’ का तीन दिवसीय आयोजन रविवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समापन दिवस पर रविवार की छुट्टी के चलते बच्चों और अभिभावकों की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए स्टेडियम के गेट बंद करने पड़े।
फेस्टिवल के अंतिम दिन फन गेम्स, क्रिएटिव वर्कशॉप, पेंटिंग, एक्टिविटी स्टॉल्स, ड्रम सर्कल सहित अनेक गतिविधियों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे परिसर में बच्चों की चहल-पहल और रंगीन माहौल देखने लायक रहा।
जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह फेस्टिवल बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को बढ़ावा देने का सशक्त मंच बना है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी विभागों और कार्मिकों का आभार जताया।
नगर निगम आयुक्त श्री मयंक मनीष ने बताया कि तीसरे दिन करीब 50 हजार बच्चों व अभिभावकों की एंट्री हुई, वहीं दोपहर तक 18 हजार रिस्ट बैंड समाप्त हो गए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, ट्रैफिक और चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखी गईं।
बीडीए आयुक्त श्रीमती अपर्णा गुप्ता ने बताया कि फेस्टिवल में देशभर से आए कलाकारों द्वारा थिएटर, पपेट शो, पेंटिंग, पॉटरी, मैजिक शो, म्यूजिक व डांस जैसी प्रस्तुतियां दी गईं। लाइव एरोप्लेन फ्लाइंग, जायंट पतंगें और 15–17 फीट ऊंची जायंट पपेट बच्चों के लिए विशेष आकर्षण रहीं।
एनएलसी इंडिया लिमिटेड की बरसिंगसर परियोजना द्वारा सीएसआर के तहत 3 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।
‘आजू गूजा 2.0’ बच्चों के लिए सुरक्षित, आनंददायक और रचनात्मक आयोजन के रूप में जिले के सबसे बड़े चिल्ड्रन फेस्टिवल के रूप में स्थापित हुआ है।