निवाई (लालचंद सैनी): गांव चनानी में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में करीब सात लाख रुपए की लागत से एक वर्ष पूर्व एक कक्षा कक्ष का निर्माण करवाया गया था, जिसको अभी विद्यालय को हैंडओवर भी नहीं किया गया है। उससे पहले ही कक्षा कक्ष की छत से पानी टपकने लग गया है, दीवारों में जगह-जगह दरारें आ गई है, दीवारों का प्लास्टर उखड़ने लग गया है, खिड़कियों में कांच नहीं लगाए गए हैं। तकनीकी अधिकारियों ने क्या निर्माण के समय आंख बंद कर निर्माण कार्य करवाया गया है ? तकनीकी अधिकारियों ने क्या अपनी जिम्मेदारी का निर्माण ईमानदारी पूर्वक नहीं किया गया है ? निर्माण के दौरान प्रशासक एवं सचिव ने घटिया निर्माण पर उचित कार्यवाही क्यों नहीं की। कहीं उनकी भी मिली भगत तो नहीं है ? इस तरह से कक्षा कक्ष के घटिया निर्माण पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार क्षतिग्रस्त कक्षा कक्ष में प्रशासक द्वारा बच्चों को बैठाने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है। विद्यालय प्रधानाध्यापिका को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उसको बार-बार चिकित्सकों से उपचार लेना पड़ रहा है।
*इनका कहना है*
बारिश अधिक होने से छत से पानी टपकने लग गया होगा क्योंकि दो वर्ष से क्षेत्र में लगातार अत्यधिक बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि वहां की मिट्टी जल्दी बैठती है, इससे दरारें आ गई होगी।
*अर्पित अग्रवाल*
*ग्राम सचिव*
चार-पांच वर्ष पूर्व बनाया गया था कक्षा कक्ष, उस समय उसकी स्थिति अच्छी थी, अभी की मेरे को जानकारी नहीं है, मैं बात करके बताता हूं।
*मनोहर लाल गोरा*
*सहायक अभियंता*